कैथल, 2 जुलाई। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटान को लेकर गुरुवार को कैथल लघु सचिवालय के सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीसी सुशील कुमार ने की।
बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के योजना का लाभ मिल सके।
उन्होंने लीड जिला प्रबंधक (एलडीएम) को भी निर्देश दिए कि बैंक स्तर पर लंबित ऋण मामलों का शीघ्र समाधान कराया जाए तथा सभी बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर पात्र आवेदकों के ऋण प्रकरणों का समय पर निपटान सुनिश्चित किया जाए।
एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अंत्योदय परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है, जिससे उनकी आजीविका मजबूत हो सके।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 18 विभागों की 55 विभिन्न योजनाएं शामिल हैं। इनमें स्वरोजगार, कौशल विकास, एमएसएमई, ऋण सहायता, पशुपालन, कृषि, लघु उद्योग और महिला सशक्तिकरण जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को प्रदान किया जाता है।
एडीसी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमितेंद्र श्योकंद, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सूर्या खटकड़, डीएचओ हीरालाल, एलडीएम सुमन कुमार, रेडक्रॉस सचिव रामजीलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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