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कैथल में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा हरिनाम संकीर्तन, साक्षी गोपाल दास ने बताया भक्ति का महत्व

कैथल, 5 जुलाई। इस्कॉन प्रचार समिति, कैथल द्वारा हिन्दू गर्ल्स स्कूल, अंबाला रोड में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास श्रीमन साक्षी गोपाल दास जी ने श्रद्धालुओं को भक्ति, हरिनाम संकीर्तन और मानव जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रवचन दिया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का रसपान किया।

कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा श्रीला शुकदेव गोस्वामी जी द्वारा महाराज परीक्षित को सुनाई गई दिव्य कथा है। उन्होंने कहा कि भगवान चैतन्य महाप्रभु लगभग 500 वर्ष पूर्व इस धरती पर हरिनाम संकीर्तन का संदेश देने के लिए अवतरित हुए थे। उन्होंने “श्री कृष्ण चैतन्य राधा कृष्ण नहीं अन्य” का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु और राधा-कृष्ण में कोई भेद नहीं है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य स्वरूप सत्, चित् और आनंद से युक्त है। जो भक्त आत्मा के स्तर पर पहुंच जाते हैं, वे आत्माराम कहलाते हैं और संसार के मान-अपमान से परे हो जाते हैं। कथा के दौरान उन्होंने महाराज भरत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भारतवर्ष का नाम राजा भरत के नाम पर पड़ा।

बचपन से करें भक्ति, मानव जीवन है दुर्लभ

साक्षी गोपाल दास जी ने कहा कि भक्ति प्रारंभ करने की सर्वोत्तम आयु पांच वर्ष से मानी गई है। मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका उद्देश्य केवल भोग-विलास नहीं, बल्कि भगवान का भजन और आत्मकल्याण है। उन्होंने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में इतना भजन करना चाहिए कि विपरीत समय में भगवान स्वयं भक्त के साथ खड़े रहें।

हरिनाम महामंत्र को बताया कलियुग का सबसे बड़ा सहारा

कथा के समापन पर प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा व्यास ने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन “हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।” महामंत्र की दो माला जपने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 16 नाम और 32 अक्षरों वाला यह महामंत्र कलियुग में जीव को सभी बंधनों से मुक्त करने की अद्भुत शक्ति रखता है।

पांचवें दिन होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और मटकी प्रतियोगिता

प्रेस सचिव ने बताया कि कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं मटकी प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जाएगा। पूरे कथा पंडाल को फूलों, गुब्बारों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा। श्रद्धालु भगवान के लिए विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करेंगे, जिसके बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

कथा में इन श्रद्धालुओं ने की विशेष सहभागिता

कथा के यजमान अमरजीत छाबड़ा, विनोद भल्ला, मनदीप सिंह (एडवोकेट), मदन मंगला, सुनील खुराना, डॉ. ज्योति (आशीर्वाद हॉस्पिटल) और गोपाल गर्ग ने कथा व्यास का पुष्पमालाओं से स्वागत किया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का श्रवण किया।

इस अवसर पर सवरूपा नंदी दास, विनय कृष्ण दास, यजुनन्दन प्राण दास, रामानंद प्राण दास, सुनील सैनी, सुरेंद्र (SHO), परम्परा प्रिय दास, अनादि नित्य दास, अरुण सिंगला, श्याम लाल वर्मा, रुपेश गर्ग, नन्द लाल, सारथी कृष्ण दास, विदुर सखा दास सहित समिति के अनेक सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

इस्कॉन प्रचार समिति, कैथल ने सभी शहरवासियों से समय पर कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा भगवान श्रीकृष्ण का प्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाने की अपील की।

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