कैथल, 2 जुलाई। हिन्दू गर्ल्स स्कूल, अंबाला रोड में इस्कॉन (ISKCON) द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास श्रीमन साक्षी गोपाल दास जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद महाराज की प्रेरणादायी कथा का वर्णन करते हुए भक्ति, श्रद्धा और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम का संदेश दिया।
कथा का प्रारंभ करते हुए उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में श्रील शुकदेव गोस्वामी, राजा परीक्षित को गंगा तट स्थित शुक्रताल तीर्थ पर भागवत का दिव्य ज्ञान प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने सप्तम स्कंध से भक्त प्रह्लाद महाराज की कथा का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के अवतार हैं और उन्होंने भक्तों को सदैव श्री ध्रुव महाराज एवं भक्त प्रह्लाद महाराज की कथाओं का बार-बार श्रवण करने का संदेश दिया। इन कथाओं के नियमित श्रवण से भक्त के हृदय में भक्ति का विकास होता है।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य चाहे सांसारिक सुख चाहता हो या मोक्ष की कामना रखता हो, उसे भक्ति योग के मार्ग पर चलना चाहिए। जहां सच्ची भक्ति होती है, वहीं भगवान का निवास होता है। उन्होंने बताया कि श्रवण, कीर्तन और स्मरण भक्ति प्राप्ति के तीन प्रमुख साधन हैं तथा श्रीमद्भागवत कथा इन तीनों का सर्वोत्तम माध्यम है।
राजा परीक्षित द्वारा भगवान के समभाव से संबंधित प्रश्न का उल्लेख करते हुए उन्होंने कश्यप मुनि, अदिति, दिति और 49 मरुद्गणों की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने हरे कृष्ण महामंत्र का महत्व बताते हुए कहा कि इस मंत्र के माध्यम से भक्त श्रीमती राधारानी से भगवान श्रीकृष्ण की प्रेममयी सेवा की प्रार्थना करता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति वही कर सकता है, जिसके हृदय में भगवान के प्रति सच्चा प्रेम हो।
कथा के दौरान उन्होंने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि दुर्योधन ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वागत में भव्य व्यवस्था की थी, लेकिन भगवान ने उसका भोजन स्वीकार नहीं किया क्योंकि जहां भगवान के भक्तों का अपमान होता है, वहां भगवान भी प्रसन्न नहीं होते।
प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा के दौरान श्री साक्षी गोपाल दास जी महाराज द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे और भजन-कीर्तन में शामिल होकर भगवान का गुणगान किया।
द्वितीय दिवस की कथा के यजमान श्री हुनर चौधरी, श्री विनोद भल्ला, श्री ध्रुव शोरेवाला तथा डॉ. जी.एल. चावला ने कथा व्यास का पुष्पमालाओं से स्वागत किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री ठाकुर जी की आरती कर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर स्वरूपा नंदी दास, विनय कृष्ण दास, यजुनन्दन प्राण दास, रामानंद प्राण दास, सुनील सैनी, सुरेंद्र (एसएचओ), परम्परा प्रिय दास, अनादि नित्य दास, अरुण सिंगला, श्याम लाल वर्मा, रुपेश गर्ग, नन्द लाल, सारथी कृष्ण दास, विदुर सखा दास सहित समिति के अनेक सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस्कॉन प्रचार समिति ने कैथल शहर के सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन समय पर कथा में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा भगवान का प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की।




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