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कैथल में 2 करोड़ की फिरौती का मामला निकला फर्जी, पुलिस सुरक्षा पाने के लिए ज्वेलर्स ने खुद रची साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार


कैथल, 1 जुलाई। कैथल पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) ने 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के चर्चित मामले का खुलासा करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है। जांच में सामने आया कि पुलिस सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से पूंडरी के एक ज्वेलर्स ने अपने ही साथी से विदेशी व्हाट्सएप नंबर के जरिए फिरौती की कॉल करवाई थी। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी के निर्देश पर हुई त्वरित जांच
पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देश पर स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने साइबर सेल की मदद से मामले की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोप झूठे पाए गए।
ज्वेलर्स ने दी थी 2 करोड़ की फिरौती मांगने की शिकायत
पूंडरी निवासी रवि वर्मा, जो “लवली ज्वेलर्स” के नाम से दुकान संचालित करता है, ने 16 जून को शिकायत दी थी कि 13 जून को विदेशी व्हाट्सएप नंबर से उसे जान से मारने की धमकी देते हुए 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।
अवैध हथियार के साथ पकड़े गए आरोपी ने खोला राज
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने 28 जून को राजौंद क्षेत्र से सिरसल निवासी देवेंद्र को अवैध देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में देवेंद्र ने खुलासा किया कि उसने रवि वर्मा के कहने पर विदेशी व्हाट्सएप नंबर से फिरौती की कॉल की थी और इसके बदले उसे पैसे दिए गए थे।
पुलिस के अनुसार देवेंद्र के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या सहित 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस सुरक्षा लेने के लिए रची गई थी साजिश
जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता रवि वर्मा ने पुलिस सुरक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से पूरी कहानी गढ़ी थी। इस तरह उसने पुलिस को गुमराह करने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने का प्रयास किया। खुलासे के बाद पुलिस ने रवि वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस की आमजन से अपील
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत, फर्जी धमकी या मनगढ़ंत सूचना देकर पुलिस को गुमराह न करें। उन्होंने कहा कि झूठी शिकायतों से पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन व्यर्थ होते हैं, जिससे वास्तविक पीड़ितों की सहायता प्रभावित होती है। यदि किसी को वास्तव में किसी प्रकार की धमकी मिलती है तो वह तुरंत सही और सत्य जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराए।

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