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12 वर्षों में बदली ग्रामीण कैथल की तस्वीर, 58 ई-लाइब्रेरी, 47 महिला केंद्र और 32 इनडोर जिम बने


कैथल, 23 जून। हरियाणा के कैथल जिले में पिछले 12 वर्षों के दौरान ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है।
ग्रामीण युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले के 58 गांवों में लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इन लाइब्रेरी में फर्नीचर और पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
अमृत सरोवर योजना के तहत जिले के 58 तालाबों का 33.34 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। तालाबों के आसपास वॉकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हुए हैं।
जगमग योजना के तहत पहले चरण में 35 गांवों की फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं, जबकि दूसरे चरण में 35 अन्य गांवों में कार्य प्रगति पर है। इससे गांवों में सुरक्षा और आवागमन की सुविधाओं में सुधार हुआ है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी कैथल जिला लगातार आगे बढ़ रहा है। 47 गांवों में 1.93 करोड़ रुपये की लागत से महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं लखपति दीदी योजना के तहत चयनित 24,793 महिलाओं में से 15,001 महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
जिले में पिछले 12 वर्षों के दौरान 3,133 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं, जिनसे 34,954 सदस्य जुड़े हुए हैं। इन समूहों को स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए 134.21 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
ग्रामीण युवाओं को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए 32 गांवों में 2.28 करोड़ रुपये की लागत से इनडोर जिम स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में युवा उठा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम माधो माजरी में 1.06 करोड़ रुपये की लागत से गोवर्धन प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है, जिससे 63 परिवारों को गैस की सुविधा मिल रही है। वहीं ग्राम पंचायत ढांड में 16 लाख रुपये की लागत से प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है तथा 22 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू की गई है।
उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, शिक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और प्रभावी प्रशासनिक प्रयासों kके माध्यम से कैथल के ग्रामीण विकास को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।


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