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धान की डीएसआर विधि अपनाने पर किसानों को मिलेगा 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान : डीसी अपराजिता

धान की डीएसआर विधि अपनाने पर किसानों को मिलेगा 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान : डीसी अपराजिता

📍 कैथल | 🗓️ 27 मई 2026

कैथल, 27 मई: डीसी अपराजिता ने कहा कि किसानों के लिए धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) योजना बेहद लाभदायक साबित हो रही है। इस विधि से जहां पानी की काफी बचत होती है, वहीं खेती की लागत भी कम आती है। सरकार द्वारा डीएसआर विधि से धान की बिजाई करने वाले किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए जिला कैथल में 15 हजार एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीसी ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती की बजाय डीएसआर तकनीक को अपनाकर सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।

डीसी अपराजिता ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। डीएसआर विधि अपनाने वाले किसानों को सरकार द्वारा अनुदान राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि डीएसआर मशीन खरीदने पर भी सरकार द्वारा 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा ने कहा कि धान रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए किसान डीएसआर तकनीक अपनाएं। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पौधों को पर्याप्त हवा व रोशनी मिलने के कारण फसल के गिरने का खतरा कम रहेगा। साथ ही फसल में बीमारियों और कीटों का प्रकोप भी कम होगा, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने बताया कि डीएसआर मशीन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। आवेदन के लिए ट्रैक्टर की वैध आरसी, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाता संबंधी दस्तावेज जरूरी होंगे।

उपनिदेशक ने कहा कि किसान अधिक जानकारी के लिए संबंधित कृषि विकास अधिकारी, खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी, सहायक कृषि अभियंता या उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर कॉल कर कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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