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चारधाम यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण अनिवार्य, श्रद्धालु सरकार की एडवाइजरी का करें पालन: डीसी अपराजिता

कैथल, 24 जून। डीसी अपराजिता ने जिले के उन श्रद्धालुओं से अपील की है जो चारधाम यात्रा-2026 पर जाने की योजना बना रहे हैं कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण करवाएं। बिना पंजीकरण के यात्रा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी यात्रियों को पालन करना चाहिए।

डीसी अपराजिता ने बताया कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि जिले से चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों को आधार प्रमाणीकरण के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद यात्रियों को क्यूआर कोड युक्त रजिस्ट्रेशन पत्र तथा यूनिक आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। धामों में प्रवेश से पहले इन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा तथा दर्शन के लिए टोकन जारी किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in
तथा टूरिस्ट केयर उत्तराखंड मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने वाले श्रद्धालु केवल अधिकृत heliyatra.irctc.co.in आईआरसीटीसी पोर्टल के माध्यम से ही बुकिंग करें ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। इसी प्रकार ऑनलाइन पंजीकरण हेतु देहरादून में हरबर्टपुर व नयागांव, हरिद्वार में राही होटल, ऋषिकेश में आईएसबीटी ट्रांजिट कैंप, आरटीओ, गुरुद्वारा में काउंटर खोले गए हैं।

डीसी अपराजिता ने कहा कि चारधाम यात्रा ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में होती है, जहां कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और मौसम में अचानक बदलाव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, नियमित व्यायाम करें तथा पर्याप्त गर्म कपड़े, आवश्यक दवाइयां और अन्य जरूरी सामान अपने साथ रखें।

उन्होंने विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, गर्भवती महिलाओं तथा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श लेने के बाद ही यात्रा पर जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं सफल यात्रा के लिए सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है।
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