पूंडरी, 25 जून। आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जाम्बा ने लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार किया गया था।
विधायक सतपाल जाम्बा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला था। उस समय प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया तथा सरकार के खिलाफ आवाज उठाना कठिन बना दिया गया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता की सेवक होती है, मालिक नहीं। सत्ता का उद्देश्य जनसेवा होना चाहिए, दमन नहीं। आपातकाल हमें यह सीख देता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहना आवश्यक है।
विधायक जाम्बा ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी जागरूक जनता है। वर्ष 1977 के आम चुनावों में देशवासियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर यह सिद्ध कर दिया था कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है। यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष, त्याग और जेल की यातनाएं सहने के कारण आज देशवासी अपने अधिकारों का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर पा रहे हैं। लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
युवाओं को संबोधित करते हुए विधायक सतपाल जाम्बा ने कहा कि नई पीढ़ी ने आपातकाल का दौर नहीं देखा है, इसलिए उन्हें इसके इतिहास और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। लोकतंत्र केवल संविधान में लिखे शब्दों से नहीं, बल्कि उसे बचाने वाले लोगों के त्याग और संघर्ष से मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। जनभागीदारी, पारदर्शिता, संविधान का सम्मान और जनता के प्रति जवाबदेही ही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई भी लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ न कर सके।
विधायक जाम्बा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम, संविधान सर्वोपरि और जनता सर्वश्रेष्ठ की भावना के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में विधायक सतपाल जाम्बा ने सभी उपस्थित लोगों से लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान तथा लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य विरासत है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
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