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कैथल में साईं बाबा की 108वीं पुण्यतिथि पर विशाल भंडारा, हनुमान जी की भव्य झांकी ने बांधा समां

डॉ. जी.एल. चावला बोले— मानव सेवा ही सच्ची माधव सेवा, श्रद्धा और सबूरी के मार्ग पर चलने का दिया संदेश

कैथल। विजयदशमी और दशहरे के पावन अवसर पर कैथल में श्री साईं बाबा की 108वीं पुण्यतिथि (निर्वाण दिवस) श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्क रोड स्थित हनुमान मंदिर के सामने शहीद स्मारक के पास श्री साईं रसोई सेवा समिति (रजि.) की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और साईं बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं, भगवान हनुमान जी की भव्य झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।

हनुमान जी की भव्य झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री हनुमान जी की मनमोहक झांकी ने भक्तिमय माहौल को और भी खास बना दिया। झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक आरती की और भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

साईं बाबा के प्रेम, करुणा और मानवता के संदेश के साथ हनुमान जी की भव्य झांकी ने आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया।

डॉ. जी.एल. चावला ने किया दीप प्रज्वलित, मानव सेवा का दिया संदेश

कार्यक्रम का शुभारंभ शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ. जी.एल. चावला ने श्री साईं बाबा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पर्व सत्य की असत्य पर विजय का संदेश देता है, जबकि साईं बाबा का जीवन प्रेम, करुणा, समानता और मानवता की सेवा की प्रेरणा देता है।

डॉ. चावला ने कहा कि साईं बाबा का संदेश ‘सबका मालिक एक’ केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का सार है। बाबा के प्रति सच्ची श्रद्धा तभी सार्थक है, जब हम उनके बताए मार्ग पर चलकर जरूरतमंदों की सहायता करें।

उन्होंने कहा कि भूखे को भोजन कराना, प्यासे को पानी पिलाना और असहाय व्यक्ति की मदद करना ही सच्ची माधव सेवा है। साईं बाबा के जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को समाजसेवा में योगदान देना चाहिए। उन्होंने श्री साईं रसोई सेवा समिति की ओर से प्रत्येक गुरुवार को आयोजित किए जाने वाले लंगर की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक सेवा कार्य बताया।

श्री साईं रसोई सेवा समिति का सेवा और समर्पण सराहनीय

भंडारे के आयोजन में समिति के सदस्यों और सेवादारों ने पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने के साथ-साथ साईं बाबा के सेवा, प्रेम और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

इस सेवा कार्य में प्रिय ठकराल, शालू कालड़ा, गीता कालड़ा, सुषमा गंभीर, सारिका सरदाना, अंजली गुगलानी, सपना, सविता मल्होत्रा, योग्य ठकराल, नायरा ठकराल, दर्शना ठकराल, ऋतु सलूजा, कृष्ण ठकराल, ललित ठकराल, अमित कालड़ा, अर्व कालड़ा, माधव कालड़ा, प्रकाश गंभीर, नवीन मल्होत्रा, हेमंत, जोगिंदर कालड़ा, नितिन गुगलानी, नवीन खेत्रपाल, दीपक सलूजा, गाबा, सुनील गुलाटी और अखिलेश गाबा सहित अनेक सदस्यों एवं सेवादारों ने सहयोग दिया।

कढ़ी-चावल के प्रसाद के साथ हुआ भंडारे का समापन

दिनभर चले इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कढ़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के समापन पर श्री साईं रसोई सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और सेवादारों का आभार व्यक्त किया।

कैथल में आयोजित यह भंडारा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सेवा, आपसी सद्भाव और जरूरतमंदों की सहायता के महत्व का संदेश देकर संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह प्रेरणा दी कि सच्ची भक्ति का मार्ग मानवता की सेवा से होकर गुजरता है।