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कैथल में किसान सभा ने उठाई किसानों की मांगें, गन्ने का रेट 600 रुपये करने और 15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग

कैथल, 6 सितंबर 2026। अखिल भारतीय किसान सभा कैथल की बैठक रविवार को भगत सिंह भवन कैथल में जिला प्रधान जसबीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसान सभा ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू करने और खाद की किल्लत दूर करने सहित कई मांगें सरकार के समक्ष रखीं।

बैठक के बाद जारी प्रेस बयान में जिला प्रधान जसबीर सिंह और जिला सह सचिव धर्मपाल भुना ने कहा कि किसानों को फसलों की उचित कीमत और कृषि लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।

15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग

किसान सभा ने मांग की कि प्रदेश में धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही जिले की सभी अनाज मंडियों में कम्प्यूटराइज्ड कांटे लगाए जाने की मांग भी उठाई गई।

किसान नेताओं ने मंडियों में खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने की मांग की।

गन्ने का रेट 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग

अखिल भारतीय किसान सभा ने गन्ने के भाव को बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि बढ़ती कृषि लागत और महंगाई को देखते हुए किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।

इसके अलावा किसान सभा ने खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी सरकार से की।

मुक्त व्यापार समझौतों पर किसान सभा ने जताई चिंता

जिला प्रधान जसबीर सिंह और जिला सह सचिव धर्मपाल भुना ने केंद्र सरकार की कृषि नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका और अन्य साम्राज्यवादी देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रही है, जिससे भारतीय कृषि उत्पादों और किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

किसान नेताओं के अनुसार, यदि विदेशी कृषि उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में आते हैं तो घरेलू किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे पहले से कर्ज के बोझ में दबे किसानों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।

बीज बिल और बिजली संशोधन कानून का किया विरोध

किसान सभा नेताओं ने बीज बिल 2026 और बिजली संशोधन कानून 2025 को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इन नीतियों से किसानों के अपने और स्थानीय बीजों तक पहुंच के अधिकार तथा सस्ती बिजली की सुविधा पर असर पड़ सकता है।

किसान सभा ने सरकार से किसान हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाने की मांग की।

कपास की खरीद सीसीआई से करवाने की मांग

बैठक में कपास किसानों से संबंधित मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान सभा ने मांग की कि कपास की खरीद भारतीय कपास निगम (CCI) के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

इसके अलावा बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए दूध के रेट में फैट के आधार पर 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की मांग की गई। किसान सभा ने नकली दूध और उससे तैयार होने वाले नकली उत्पादों पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की।

सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल का समर्थन

अखिल भारतीय किसान सभा कैथल ने प्रदेशभर में आंदोलन कर रहे नगरपालिका सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। किसान सभा ने सरकार से कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की।

बैठक में लंबे समय से स्थायी रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गेस्ट अध्यापकों के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की गई और उनकी मांगों का समर्थन किया गया।

ये किसान नेता रहे मौजूद

बैठक में जसपाल सिंह, धर्मपाल भुना, सतपाल सेगा प्लाट, भगवान दास, सुरेंद्र सिंह पोल्ड, कर्ण सिंह, बालू रामचंद्र बालू, सतबीर सिंह, जयदेव सिंह, सतपाल किठाना, जयप्रकाश शास्त्री, नरेश कुमार रेहड़ा, महेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, जयपाल सिंह ढांड सहित अखिल भारतीय किसान सभा के कई नेता मौजूद रहे।

जारीकर्ता: जसबीर सिंह, जिला प्रधान, अखिल भारतीय किसान सभा कैथल।

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