खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की राज्य कमेटी बैठक संपन्न, महंगाई-बेरोजगारी पर जताई चिंता
ग्रामीण मजदूरों के मुद्दों, संगठन विस्तार और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर हुई चर्चा
कैथल। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन (एआईएआरडब्ल्यूयू) हरियाणा राज्य कमेटी की बैठक सोमवार को कैथल स्थित शहीद भगत सिंह भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान कामरेड जगमाल सिंह ने की, जबकि यूनियन के केंद्रीय कार्यकारिणी के संयुक्त सचिव एवं राज्यसभा सांसद डॉ. वी. शिवदासन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा
यूनियन के राज्य सचिव राजेंद्र छौक्कर ने बताया कि बैठक में देश-दुनिया की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ खेत एवं ग्रामीण मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. वी. शिवदासन ने अपने संबोधन में वैश्विक आर्थिक नीतियों, व्यापारिक समझौतों और युद्धों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका सबसे अधिक असर मेहनतकश वर्ग और गरीब आबादी पर पड़ रहा है।
महंगाई और बेरोजगारी पर चिंता
डॉ. शिवदासन ने महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती सामाजिक असमानता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिकों और ग्रामीण गरीबों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों की मजबूती से रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने वैश्विक घटनाओं और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए।
ग्रामीण मजदूरों के सामने बढ़ रही चुनौतियां
राज्य प्रधान कामरेड जगमाल सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण खेत एवं ग्रामीण मजदूरों के सामने जीवनयापन का संकट लगातार गहरा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से जुड़े कार्यों में ठेकेदारी व्यवस्था बढ़ने और रोजगार के अवसर कम होने से मजदूर वर्ग प्रभावित हुआ है। इसके अलावा ग्रामीण गरीबों पर बढ़ते कर्ज और निजी वित्तीय संस्थाओं पर निर्भरता भी गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीण आर्थिक संकट पर जताई चिंता
जगमाल सिंह ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक संकट लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण खेत मजदूरों और गरीब परिवारों की समस्याएं और अधिक गंभीर होती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मजदूरों और ग्रामीण गरीबों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
जुलाई में होंगे विरोध कार्यक्रम
राज्य सचिव राजेंद्र छौक्कर ने बताया कि बैठक में संगठन की समीक्षा, सदस्यता अभियान, बजट तथा आगामी कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
यूनियन ने निर्णय लिया कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर 15 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे हरियाणा में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त बिजली के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के विरोध में चल रहे संयुक्त आंदोलनों में भी यूनियन सक्रिय भागीदारी करेगी।


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