महंगाई, कानून व्यवस्था और रैलियों पर रोक को लेकर माकपा का भाजपा सरकार पर हमला
कैथल। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) हरियाणा राज्य कमेटी ने प्रदेश सरकार द्वारा रैलियों और सभाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों तथा हाल ही में जारी अन्य प्रशासनिक निर्देशों की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने इन कदमों को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि इससे जनता के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
माकपा के राज्य सचिव प्रेम चंद ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और रैली-सभाओं पर रोक लगाने जैसे फैसले गैर-जरूरी और जनविरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा सरकार की हताशा और तानाशाहीपूर्ण मानसिकता को दर्शाते हैं।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
माकपा ने हरियाणा में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की है। पार्टी के अनुसार हांसी में जिम संचालक की हत्या तथा गोली लगने से युवती के घायल होने जैसी घटनाएं प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
प्रेम चंद ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार अपराध के मामलों में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफिया गतिविधियां, चोरी, फिरौती, अपहरण और हत्या जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने में विफल रही है।
महंगाई और बेरोजगारी पर जताई चिंता
माकपा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और अस्थायी रोजगार की समस्या से जूझ रही है। पार्टी का कहना है कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और परिवहन सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रेम चंद ने कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय सरकार खाद्य तेल, घी और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के उपयोग से होने वाले नुकसान गिनाने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रकार अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।
जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान
माकपा राज्य कमेटी ने प्रदेशभर की पार्टी इकाइयों से महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाने तथा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है।
पार्टी के अनुसार यह अभियान जून माह के अंत तक जारी रहेगा और इसके माध्यम से आमजन को इन मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा।


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