जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं अधिकारी व आमजन : डीसी अपराजिता
कैथल। डीसी अपराजिता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रशासन, ग्राम पंचायतों, जल समितियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
डीसी अपराजिता शुक्रवार को जिला सचिवालय में आयोजित जिला जल एवं सीवरेज मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा मिशन की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक में ओ एंड एम पॉलिसी-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम पंचायतों एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) की स्थिति, ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, एकल ग्राम जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा पंचायत प्रतिनिधियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग की समीक्षा की गई।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। ग्राम स्तर पर समितियों को अधिक सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता में सामुदायिक सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एसएनए प्रणाली के अंतर्गत भारतीय बैंक में ग्राम पंचायतों के बैंक खाते खोले जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीसी ने निर्देश दिए कि शेष पंचायतों के खाते शीघ्र खोले जाएं और संबंधित जानकारी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने राजस्व संग्रहण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर भी बल दिया।
बैठक में नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने विभागीय प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिला आईईसी एवं एक्टिविटी सलाहकार दीपक कुमार ने ओ एंड एम पॉलिसी-2026, ग्राम पंचायतों की भागीदारी, जल संरक्षण गतिविधियों तथा जन-जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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