प्यारी बेटी मुहिम बनेगी प्रेरणा : जिप सीईओ सुरेश राविश
कैथल। डीसी अपराजिता द्वारा शुरू की गई “प्यारी बेटी मुहिम” के तहत जिला सचिवालय सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के 20 चयनित गांवों, जिनमें 10 बेहतर लिंगानुपात वाले तथा 10 निम्न लिंगानुपात वाले गांव शामिल हैं, से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने वाली बेटियों ने भाग लिया। प्रत्येक गांव से तीन से चार बेटियों ने बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
बैठक को संबोधित करते हुए सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश ने डीसी अपराजिता द्वारा शुरू की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “प्यारी बेटी मुहिम” आने वाले समय में बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें नई पहचान दिलाना है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव की बेटी किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करती है तो उसे उसी गांव की अन्य बेटियों के लिए रोल मॉडल बनाया जाएगा। ऐसी बेटियां सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों में भी सहयोग करेंगी और अन्य बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
सुरेश राविश ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार लाने के उद्देश्य से डीसी अपराजिता द्वारा शुरू की गई यह पहल बेहद सराहनीय है। प्रत्येक गांव से रोल मॉडल बेटियों का चयन कर उन्हें मंच प्रदान किया जाएगा ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह विषय उनके लिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि उनकी स्वयं की दो बेटियां हैं। आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि यदि किसी बेटी की शिक्षा आर्थिक कारणों से प्रभावित हो रही है तो उसकी सहायता के लिए आगे आएं।
बैठक में डीडीपीओ रितु लाठर और सीएमओ डॉ. रेणु चावला ने भी बेटियों को पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी दी। डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि चयनित बेटियां अपनी उपलब्धियों पर आधारित लेख चार दिनों के भीतर सरपंच के माध्यम से डीडीपीओ कार्यालय में जमा करवाएं, ताकि उन्हें प्रकाशित किया जा सके।
सीएमओ डॉ. रेणु चावला ने बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और उपलब्धियों के बल पर इस योजना में स्थान बनाया है, जो अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।


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