प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता : डीडीए
कैथल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कैथल के उप निदेशक डॉ. रविन्द्र हूडा ने कहा कि रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता बन चुकी है। इसी उद्देश्य से विभागीय भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है।
जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा गांव संतोखमाजरा स्थित 6 एकड़ 3 कनाल 15 मरले कृषि भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए 10 वर्ष की अवधि तक पट्टे पर देने हेतु 11 जून को खुली बोली आयोजित की जाएगी।
उप निदेशक डॉ. रविन्द्र हूडा ने बताया कि बोली का आयोजन 11 जून को दोपहर 12 बजे संबंधित भूमि स्थल पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि का उपयोग केवल प्राकृतिक खेती के लिए ही किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उच्चतम बोलीदाता को भूमि 10 वर्षों के लिए पट्टे पर दी जाएगी तथा पट्टे की राशि में प्रतिवर्ष 4 प्रतिशत की वृद्धि लागू होगी।
डॉ. हूडा ने कहा कि बोली समाप्त होते ही सफल बोलीदाता को निर्धारित राशि नकद अथवा बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवानी होगी। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों के बारे में भी मौके पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।



Leave a Reply