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विभाजन का दर्द और पूर्वजों के संघर्ष से युवाओं को रूबरू होना जरूरी : डीसी अपराजिता

कैथल, 14 अगस्त। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीसी अपराजिता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। इस दौरान गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया और केंद्रीय शहरी आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल का संबोधन भी सुना गया।

डीसी अपराजिता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी झेल चुके बुजुर्गों के अनुभवों को सुनना और इतिहास से सीख लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी ने विभाजन का संघर्ष नहीं देखा, जबकि उस समय लोगों का संघर्ष केवल आगे बढ़ने का नहीं, बल्कि जीवित रहने और अपने परिवारों को सुरक्षित रखने का था। इसलिए युवाओं को उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान से रूबरू होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों के घर उजड़ गए, परिवार बिछड़ गए और अनेक लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। इस त्रासदी से वर्तमान पीढ़ी को धैर्य, आत्मबल और विषम परिस्थितियों से उबरने की प्रेरणा मिलती है। डीसी ने युवाओं से विभाजन से संबंधित साहित्य एवं पुस्तकें पढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने कहा कि भारत विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन के कारण लाखों लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और अनेक लोगों ने अपनी जान गंवाई। पीड़ितों के संघर्ष और बलिदान की स्मृति में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को विभाजन की ऐतिहासिक त्रासदी, विस्थापित परिवारों के संघर्ष और उनके बलिदान से अवगत कराना है।

कार्यक्रम में जिला उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार बांबू, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, प्रो. अभिषेक गोयल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

विस्थापित परिवारों के संघर्ष और पीड़ा को किया याद

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1947 के भारत विभाजन में विस्थापित हुए परिवारों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को याद किया गया। विशेष वक्ता सेवानिवृत्त एआईपीआरओ महेंद्र खन्ना तथा समाजसेवी अशोक कुमार गिरधर ने अपने बुजुर्गों द्वारा विभाजन के दौरान झेली गई कठिनाइयों और विस्थापन की आपबीती साझा की।

वक्ताओं ने बताया कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। उनके परिजनों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी जान बचाकर भारत में शरण ली और यहां जीवन को नए सिरे से शुरू किया। वक्ताओं ने युवाओं से मेहनत, संघर्ष और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

विशेष प्रदर्शनी में दिखाई विभाजन की त्रासदी

कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को समर्पित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उद्घाटन डीसी अपराजिता ने किया। प्रदर्शनी में वर्ष 1947 के भारत विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, मानवीय त्रासदी, विस्थापन और लोगों के संघर्ष को चित्रों एवं अन्य सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

इसके साथ ही हर घर तिरंगा उत्सव के तहत विशाल रंगोली भी बनाई गई। रंगोली के माध्यम से लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया गया।

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कैथल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: डीसी अपराजिता ने युवाओं को दिया इतिहास से सीखने का संदेश

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कैथल में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। डीसी अपराजिता ने विभाजन के दर्द, संघर्ष और बलिदान से युवाओं को रूबरू होने का आह्वान किया।

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