कैथल, 29 अक्टूबर 2026। आरकेएसडी महाविद्यालय, कैथल ने पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निपटान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। महाविद्यालय ने ई-वेस्ट के सुरक्षित संग्रह और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने के लिए नमो ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य कॉलेज परिसर को स्वच्छ बनाना, विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जिम्मेदार ई-वेस्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है।
स्वच्छ भारत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महाविद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान अश्विनी शोरेवाला ने इस समझौते को स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत सरकार के विशेष अभियान 6.0 के तहत 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे प्रयासों के अनुरूप ई-वेस्ट के उचित संग्रह, पृथक्करण और निपटान पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में आरकेएसडी महाविद्यालय ने नमो ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।
डॉ. गगन मित्तल और नमो ई-वेस्ट के प्रतिनिधि ने किए हस्ताक्षर
इस समझौता ज्ञापन पर आरकेएसडी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. गगन मित्तल तथा नमो ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रतिनिधि विवेक ने हस्ताक्षर किए।
डॉ. गगन मित्तल ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही, उन्हें दैनिक जीवन में जिम्मेदार आदतें अपनाने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उचित निपटान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य स्वच्छ परिसर, बेहतर कचरा प्रबंधन और हरित भविष्य के निर्माण में योगदान देना है।
दिवाली के बाद चलेंगे ई-वेस्ट संग्रह अभियान और जागरूकता कार्यशालाएं
एमओयू के तहत दिवाली के बाद आरकेएसडी महाविद्यालय में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे के जिम्मेदार संग्रह और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
नमो ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड इस पहल के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक कचरे के जिम्मेदार संग्रह और पुनर्चक्रण के लिए आवश्यक माध्यम उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी। इससे पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अंजू सिंगला ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस पहल को साकार करने में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा एवं अपनी धरा फाउंडेशन की संस्थापक निदेशक अंजू सिंगला ने महत्वपूर्ण समन्वयात्मक भूमिका निभाई। उनकी संस्था जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
इस अवसर पर डॉ. राजबीर पराशर, प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल जिंदल, ऊर्जा संरक्षण सेल के संयोजक डॉ. जयवीर, डॉ. सुरुचि शर्मा और डॉ. रचना भी उपस्थित रहे।
आरकेएसडी महाविद्यालय और नमो ई-वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के बीच यह समझौता इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन, पर्यावरण जागरूकता और स्वच्छ एवं हरित परिसर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

