कैथल/पुंडरी। पुंडरी में बिजली ठेकेदारों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सतपाल जांबा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं, उन्हें किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या भय की आवश्यकता नहीं है। सरकार का उद्देश्य किसी ईमानदार व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में वर्षों से जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार को समाप्त करना है।
विधायक जांबा ने कहा कि कुछ ठेकेदारों और अधिकारियों के कारण पूरी व्यवस्था बदनाम होती है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ता है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समय की मांग है और सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर निर्णय लेना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदारी से कार्य करने वाले ठेकेदारों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कोई ठेकेदार भ्रष्टाचार में शामिल नहीं है तो वह निडर होकर सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का समर्थन करे। विधायक ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है।
सतपाल जांबा ने कहा कि राजनीति में आने से पहले ही उन्होंने संकल्प लिया था कि न स्वयं भ्रष्टाचार करेंगे और न किसी को करने देंगे। जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आदर्श हैं। प्रधानमंत्री द्वारा देश में पारदर्शी और जवाबदेह शासन की संस्कृति स्थापित करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई गई सख्त नीति उनके लिए प्रेरणास्रोत है। इसी सोच के साथ वे अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वच्छ और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
विधायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी ईमानदार ठेकेदार या कर्मचारी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि उन लोगों पर कार्रवाई करना है जिन्होंने भ्रष्टाचार को अपना माध्यम बना लिया है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से प्रदेश और जनता के हित में सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का समर्थन करने की अपील की, ताकि एक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित की जा सके।
इस दौरान उन्होंने किसानों से भी अपील की कि यदि किसी ठेकेदार या अधिकारी ने काम के बदले पैसे लिए हैं या रिश्वत की मांग की है, तो वे संबंधित नाम उन्हें उपलब्ध कराएं या मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करें। विधायक ने कहा कि पिछले दो महीनों से किसान परेशान हैं, लेकिन किसान संगठनों के कई नेता उनकी समस्याओं को लेकर सक्रिय नजर नहीं आ रहे। उन्होंने किसान नेताओं से भी इस मुद्दे पर आगे आकर किसानों के हित में आवाज उठाने का आग्रह किया।



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