कैथल। आर.के.एस.डी. कॉलेज में नए कैडेट्स के चयन एवं भर्ती के लिए एनसीसी भर्ती अभियान का सफल आयोजन किया गया। भर्ती प्रक्रिया में कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का प्रदर्शन किया।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान 10 हरियाणा बटालियन एनसीसी, कुरुक्षेत्र से पहुंचे पीआई स्टाफ संजय एवं परमजीत ने विद्यार्थियों की शारीरिक एवं व्यावहारिक परीक्षा ली। भर्ती के विभिन्न चरणों में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा टीम भावना का परिचय दिया।
एनसीसी विद्यार्थियों में नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करती है
कॉलेज के प्रधान श्री अश्वनी शोरेवाला ने नव-चयनित कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी के माध्यम से युवा विद्यार्थियों को जिम्मेदारी निभाने, चुनौतियों का सामना करने और टीम भावना के साथ कार्य करने का अवसर मिलता है। वर्तमान समय में युवाओं में नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना बेहद आवश्यक है।
प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने दी नव-चयनित कैडेट्स को बधाई
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने भी नव-चयनित कैडेट्स और दोनों एएनओ को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को एनसीसी की विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. गगन मित्तल ने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों को अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करती है।
उन्होंने एनसीसी के एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. रघबीर लांबा एवं लेफ्टिनेंट डॉ. रितु कंग तथा पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एनसीसी जैसी गतिविधियों से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्राचार्य ने कहा कि आर.के.एस.डी. कॉलेज में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के गुणों से भी मजबूत बनाना है।


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