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जाट शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल कैथल में लैंगिक संवेदनशीलता पर कार्यशाला, शिक्षकों ने सीखा समानता और समावेशिता का पाठ

कैथल, 12 सितंबर 2026। जाट शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल, कैथल में क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत लैंगिक संवेदनशीलता (Gender Sensitization) विषय पर गतिविधि आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को लैंगिक समानता, समावेशी शिक्षा और सुरक्षित विद्यालय वातावरण के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला की विशेषज्ञ श्रीमती मंजूषा, करनाल रहीं। उन्होंने विभिन्न रोचक गतिविधियों और उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को लैंगिक समानता को व्यवहार में लागू करने की जानकारी दी।

गतिविधियों के माध्यम से समझाई लैंगिक समानता

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने अभिनय के माध्यम से भेदभावपूर्ण और समानता आधारित कक्षा के बीच अंतर को समझा। उदाहरण चर्चा के जरिए तृतीय लिंगी बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इसके अलावा भाषा सुधार खेल के माध्यम से रोजमर्रा में बोले जाने वाले भेदभावपूर्ण वाक्यों को सकारात्मक और संवेदनशील भाषा में बदलने का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञ ने बताया कि एक लैंगिक संवेदनशील विद्यालय वह है, जहां बालिकाओं और तृतीय लिंगी विद्यार्थियों का सशक्तिकरण हो, सभी गतिविधियों में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी नीति मौजूद हो।

उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “यदि आप बिना पंखों के पैदा हुए हैं, तो दूसरों के पंखों को बढ़ने से रोकिए मत।” इस संदेश के माध्यम से उन्होंने सभी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पंकज गुप्ता ने कहा कि यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की भावना के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी तरह व्यावहारिक और गतिविधि आधारित रही।

प्रधानाचार्य ने कहा कि लैंगिक भेदभाव की सोच को समाप्त करने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब शिक्षक स्वयं गतिविधियों के माध्यम से सीखेंगे तो वे अपनी कक्षाओं में भी इसे बेहतर ढंग से लागू कर सकेंगे।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा प्रतिनिधि बनाने, खेल दल का चयन करने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को अवसर देने के दौरान सभी लिंगों के बच्चों को समान भागीदारी मिलनी चाहिए।

प्रबंध समिति ने की कार्यशाला की सराहना

इस अवसर पर जाट उच्च विद्यालय समिति के प्रधान श्री राजकुमार बेनीवाल, उप प्रधान श्री बलजिंदर बनवाला, सचिव अधिवक्ता श्रीमती रश्मि ढुल, कोषाध्यक्ष श्री बलकार नैन सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम की सराहना की।

कार्यकारिणी सदस्यों में श्री जसवीर, श्री सत्यवान माजरा, श्री राजपाल, श्री सन्नी, श्री स्वतंत्र पाल, श्री दलबीर, श्री विक्रम, श्री महावीर कुंडू, श्री महावीर रावीश और श्री रजत रापड़िया शामिल रहे।

प्रबंध समिति ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रत्येक विद्यालय में निरंतर आयोजित की जानी चाहिए, ताकि बच्चों के मन में मौजूद लैंगिक भेदभाव की सोच को समाप्त किया जा सके और उन्हें समानता, सम्मान तथा सहयोग का वातावरण मिल सके।

शिक्षकों ने ली समावेशी और सुरक्षित कक्षा बनाने की शपथ

कार्यशाला के समापन पर सभी शिक्षकों ने अपनी कक्षाओं को अधिक समावेशी, सुरक्षित और समानता आधारित बनाने की शपथ ली। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को विद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी के साथ समान व्यवहार करने तथा बिना किसी भेदभाव के सभी को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने का संदेश दिया गया।

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