कैथल, 7 सितंबर 2026। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ की ओर से सोमवार को कैथल की हनुमान वाटिका में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला भर से सैकड़ों अतिथि अध्यापक एकत्र हुए और 7 सितंबर 2008 को संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाली हरियाणा की पहली महिला अतिथि अध्यापिका बहन राजरानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अतिथि अध्यापकों ने कहा कि राजरानी ने करीब 15 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमित करवाने और कर्मचारी वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रोहतक में आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली का शिकार हुईं राजरानी की शहादत को याद करते हुए अतिथि अध्यापकों ने उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।
18 साल बाद भी नियमितीकरण का इंतजार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान मास्टर सुभाष चंद ने कहा कि बहन राजरानी की शहादत को 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण का मुद्दा अभी तक पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के साथ-साथ वर्तमान भाजपा सरकार पर भी अतिथि अध्यापकों की मांगों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के दौरान भाजपा की ओर से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का लिखित आश्वासन दिया गया था और चुनाव घोषणा पत्र में भी इसका उल्लेख किया गया था। इसके बावजूद आज तक नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं हुई।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने का दावा
अतिथि अध्यापक नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अतिथि अध्यापक नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच, डबल बेंच और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। संघ नेताओं के अनुसार, इसके बावजूद सरकार द्वारा नियमितीकरण को लेकर टालमटोल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापक अब किसी भी सूरत में इस मामले को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रहने देंगे। यदि सरकार ने समय रहते नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
राजरानी के सपनों को मंजिल तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अतिथि अध्यापक बहन राजरानी के संघर्ष और बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापकों का संघर्ष केवल नौकरी की स्थिरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई भी है।
इस दौरान जिला प्रधान रोहतास चहल, जिला महासचिव सुरेश बनवाला, देवराज शास्त्री, कोर्ट कमेटी सदस्य विकास राविश व संजीव कयोडक, कैथल ब्लॉक प्रधान दीपक आहुजा, गुहला ब्लॉक प्रधान सुनील कुमार, सुरेश गुप्ता, पूंडरी ब्लॉक प्रधान वीरेंद्र कौशिक और गुलशन चुघ ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में कृष्ण नैन, नरेश, मुकेश बाता, ईश्वर जुलानी खेड़ा, विकास सहारण, जितेंद्र बाबा लदाना, गुरमीत, प्रेम शर्मा, सुरेश, सत्यवान जाखौली, सुशील हसपुरा, कृष्ण शर्मा कयोडक, सतबीर बरटा, महेंद्र शर्मा, सतीश छौत, देवराज शास्त्री, देवेंद्र शर्मा, सुमित, नरेंद्र, सुनीता, नीलम सहित सैकड़ों अतिथि अध्यापक मौजूद रहे।
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कैथल में अतिथि अध्यापकों ने राजरानी को दी श्रद्धांजलि, नियमितीकरण की मांग तेज
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कैथल की हनुमान वाटिका में सैकड़ों अतिथि अध्यापकों ने शहीद राजरानी को श्रद्धांजलि दी। नियमितीकरण की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
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