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कैथल में इस्कॉन प्रचार समिति की 19वीं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़


कैथल, 2 जुलाई। इस्कॉन प्रचार समिति, कैथल द्वारा आयोजित 19वीं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ 1 जुलाई से श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिन कथा व्यास श्रीमन साक्षी गोपाल दास जी ने श्रीमद्भागवत के महत्व, सत्संग की आवश्यकता और आत्मज्ञान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालु सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें भगवान के नाम, रूप, गुण और लीलाओं का श्रवण करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि “बिन सत्संग विवेक न होई”, अर्थात बिना सत्संग के मनुष्य आत्मा के वास्तविक स्वरूप को नहीं समझ पाता और केवल भौतिक ज्ञान तक ही सीमित रह जाता है।
कथा व्यास ने बताया कि मनुष्य शरीर का वास्तविक उद्देश्य आत्मज्ञान प्राप्त करना और भगवान की भक्ति करना है। श्रीमद्भागवत का नित्य श्रवण करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने “नित्यम् भागवत सेवया” का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान, उनका नाम और उनकी कथा तीनों अभिन्न हैं और सदैव नवीन एवं आनंददायक रहते हैं।
उन्होंने श्रीमद्भागवत के पंचम स्कंध का उल्लेख करते हुए बताया कि ऋषभदेव ने अपने पुत्रों को समझाया था कि मनुष्य जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि भगवान की प्रसन्नता हेतु तपस्या और भक्ति के लिए मिला है। इसी मार्ग से आत्मा को वास्तविक सुख और परम आनंद की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में आत्मा को शाश्वत, अविनाशी और परमात्मा का अंश बताया है। आत्मा का वास्तविक स्वभाव भगवान की नित्य सेवा और भक्ति करना है तथा यह दिव्य ज्ञान केवल भगवान के शुद्ध भक्तों की कृपा से ही प्राप्त होता है।
प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा के शुभारंभ अवसर पर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता मनदीप सिंह और विनोद भल्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का उद्घाटन किया। दोनों ने संपूर्ण कथा का श्रवण किया तथा भगवान की आरती में भी भाग लिया।
प्रथम दिवस पर कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने भगवान को भोग अर्पित कर महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर दशरथी चरण दास, राधा ऋषिकेश दास, रामभद्र केशव दास, अंशुमन प्रिय दास, नंदी चरण दास, महाभानु मुरारी दास, संजय सखा दास, भास्कर धाम दास, ऐन्द्रा जीवन दास, सचि दुलाल दास, भीमा अभय दास, राम्या पलका दास, शुद्ध आत्माराम दास, सवरूपा नंदी दास, विनय कृष्ण दास, यजुनन्दन प्राण दास, रामानंद प्राण दास, सुनील सैनी, सुरेंद्र (एसएचओ), पंचतत्व भक्ति दास, परम्परा प्रिय दास, अनादि नित्य दास, अरुण सिंगला, श्याम लाल वर्मा, रुपेश गर्ग, नन्द लाल, सारथी कृष्ण दास, विदुर सखा दास, पंकज शर्मा, सतनारायण गोयल, लवली, सुनील टुटेजा सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
इस्कॉन प्रचार समिति ने कैथल शहर के सभी श्रद्धालुओं से समय पर कथा में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा भगवान का महाप्रसाद ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाने की अपील की। :::

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