कैथल, 2 जुलाई। मानसून की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अपराजिता ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के तुरंत बाद शहर में पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित विभाग समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करें।
वीरवार को लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी ने स्थानीय निकाय, जनस्वास्थ्य एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन नालों, नालियों, सीवरेज लाइनों और ड्रेनों की सफाई का कार्य अभी शेष है, उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने सभी डिस्पोजल पंपों को पूरी तरह चालू रखने तथा प्रत्येक डिस्पोजल पर कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद जल निकासी में कोई बाधा न आए।
डीसी ने नगर परिषद को निर्देशित किया कि नालों की सफाई के बाद निकाली गई गाद को किनारों पर न छोड़ा जाए, बल्कि उसका तत्काल उठान कराया जाए। साथ ही नगर परिषद से नालों की मरम्मत एवं सफाई संबंधी विस्तृत रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में डीसी ने नगर परिषद अध्यक्षा सुरभि गर्ग से भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण कर नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने का आह्वान किया।
बैठक में एडीसी डॉ. सुशील कुमार, डीएमसी कपिल शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


Leave a Reply