
कैथल, 24 जून। उपायुक्त अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि लंबित परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू कराया जाए तथा प्रगति पर चल रही योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को उनका लाभ मिल सके। साथ ही प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी अपराजिता मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक मुख्यमंत्री की कुल 405 घोषणाएं हुई हैं, जिनमें से 276 पूरी हो चुकी हैं। 84 घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है, जबकि 18 परियोजनाओं पर अभी कार्य शुरू होना बाकी है। इसके अलावा 27 घोषणाएं नॉन-फिजिबल श्रेणी में हैं।
बैठक के दौरान कुछ परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीसी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सोंगल गांव में प्रस्तावित जूडो हॉल के निर्माण कार्य में देरी को लेकर जिला खेल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
चीका सिटी से पटियाला रोड तक प्रस्तावित बाईपास परियोजना की समीक्षा करते हुए डीसी ने भूमि अधिग्रहण संबंधी सत्यापन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं पूंडरी-ढांड रोड का नाम गुरु ब्रह्मानंद मार्ग किए जाने संबंधी मामले में संबंधित विभाग को मुख्यालय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
धनौरी गांव में प्रस्तावित महिला कॉलेज, जलापूर्ति परियोजना तथा गंदे पानी की निकासी से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि महिला कॉलेज के लिए नए सिरे से नक्शा मांगा गया है तथा अंतिम ड्राइंग आर्किटेक्ट विभाग से प्राप्त होनी शेष है।
फतेहपुर पूंडरी में सीसीटीवी कैमरा परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि संबंधित टेंडर 23 जून को खोले जा चुके हैं। डीसी ने इस परियोजना पर जल्द कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
बैठक में संस्कृत विश्वविद्यालय धनौरी में हॉल एवं ई-लाइब्रेरी, क्योड़क में लुवास सेंटर तथा गुहला-चानचक रोड सहित अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। डीसी ने कई परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) शिवानी पांचाल को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर लंबित मामलों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी और लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) शिवानी पांचाल, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, सीएमओ डॉ. रेणु चावला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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