सिविल सर्जन ने अभिभावकों से स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की
कैथल। सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने नागरिकों से अपील की है कि वे डायरिया के संक्रमण से अपने बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना अवश्य करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी और समय पर उपचार से बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है।
स्वच्छता और सुरक्षित पानी का रखें ध्यान
डॉ. रेणू चावला ने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए हाथों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। पीने के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करें तथा बच्चों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने के बजाय हमेशा शौचालय का प्रयोग करें तथा घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखें।
बच्चों के पोषण और टीकाकरण पर दें ध्यान
सिविल सर्जन ने बताया कि जन्म के बाद पहले छह महीनों तक शिशु को केवल स्तनपान करवाना चाहिए। इसके बाद पूर्ण आहार और पर्याप्त पोषण देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का रोटावायरस और खसरे के खिलाफ समय पर टीकाकरण करवाना चाहिए तथा विटामिन-ए की खुराक भी नियमित रूप से दिलानी चाहिए।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉ. रेणू चावला ने बताया कि यदि बच्चे में स्तनपान न करना, बार-बार पतले दस्त होना, गंभीर निर्जलीकरण, मल में खून आना, बुखार या ठंड लगना, हथेलियों और तलवों का पीला पड़ना, लगातार उल्टी होना, तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सुस्ती, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण गंभीर संक्रमण की ओर संकेत कर सकते हैं, इसलिए समय पर चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है।
ओआरएस और जिंक का करें उपयोग
उन्होंने बताया कि बच्चों को डायरिया होने की स्थिति में ओआरएस घोल और जिंक अवश्य दें। इसके साथ-साथ बच्चों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ पिलाएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
यदि डायरिया गंभीर रूप ले ले तो बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाना चाहिए, ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके और जानलेवा स्थिति से बचाव हो सके।
ताजे और स्वच्छ खाद्य पदार्थों का करें सेवन
सिविल सर्जन ने नागरिकों से अपील की कि वे हमेशा स्वच्छ और ताजे फल एवं सब्जियों का उपयोग करें तथा बच्चों के खान-पान में विशेष सावधानी बरतें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, संतुलित आहार और समय पर उपचार ही डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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