एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में 15 दिवसीय स्किल स्पिरिट वर्कशॉप का शुभारंभ, छात्रों को मिलेगा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण
कैथल। युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय, कैथल में 15 दिवसीय स्किल स्पिरिट यूनिवर्सिटी वर्कशॉप का भव्य शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह में शिक्षकों, विभागाध्यक्षों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेष बात यह है कि इस कार्यशाला के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठा सकें। छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए निःशुल्क बस सेवा की भी व्यवस्था की गई है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान, विकास और नई शुरुआत के प्रतीक पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ किया गया। इस अवसर पर डॉ. एकता चहल, सुश्री शालिनी अरोरा (एचओडी, ब्यूटी एंड वेलनेस विभाग), डॉ. राहुल सिंह (फैशन विभाग), शेफ रिंकू प्रजापति, श्री शिवम तथा डॉ. कोमल (नृत्य एवं संगीत विभाग) सहित विश्वविद्यालय के कई प्रतिष्ठित संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
कौशल आधारित शिक्षा से भविष्य निर्माण पर जोर
अपने संबोधन में डॉ. एकता चहल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में कौशल आधारित शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने और अपने करियर को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी विभागीय विशेषज्ञों ने अपना परिचय देते हुए अपनी-अपनी कार्यशालाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इससे छात्रों में सीखने और नई तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह देखने को मिला।
“साड़ी सूत्र” कार्यशाला से हुई शुरुआत
उद्घाटन समारोह के बाद ब्यूटी एंड वेलनेस विभाग के अंतर्गत “साड़ी सूत्र” नामक प्रथम प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई कौशल विकास कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
25 जून तक चलेंगी कार्यशालाएं
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम 10 जून से 25 जून 2026 तक चलेगा। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं इन कार्यशालाओं में भाग लेकर अपने कौशल को निखारेंगे और रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करेंगे।
एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय की इस पहल का मूल संदेश “सीखें • सृजन करें • प्रेरित करें” है, जबकि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य “कौशल सशक्तिकरण • भविष्य का निर्माण” सुनिश्चित करना है।


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