SEO Title: पुंडरी अनाज मंडी में आदित्य सुरजेवाला का दौरा, धान खरीद पर भाजपा सरकार को घेरा
Meta Title: पुंडरी मंडी में धान खरीद पर भड़के आदित्य सुरजेवाला | कैथल समाचार
Meta Description: कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने पुंडरी अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद, उठान में देरी, एमएसपी भुगतान और प्रति एकड़ कोटे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
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पुंडरी अनाज मंडी में किसानों की समस्याएं जानने पहुंचे आदित्य सुरजेवाला, बोले- पैदावार पर पाबंदी, कटाई पर कर्फ्यू और एमएसपी पर तालाबंदी
पुंडरी/कैथल, 9 अक्टूबर 2026। हरियाणा में धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में खरीद, उठान और भुगतान में देरी को लेकर किसानों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने शुक्रवार को पुंडरी अनाज मंडी का दौरा किया और किसानों, मजदूरों तथा आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान उन्होंने धान खरीद व्यवस्था और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रदेश की मंडियों में धान की आवक के मुकाबले उठान की रफ्तार बेहद धीमी है। किसानों को अपनी फसल बेचने और भुगतान प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से धान की खरीद में तेजी लाने, मंडियों से समय पर उठान करवाने और किसानों को जल्द भुगतान करने की मांग की।
पुंडरी मंडी में जगह की कमी, मुख्य सड़क पर उतारना पड़ रहा धान
विधायक आदित्य सुरजेवाला के अनुसार, पुंडरी अनाज मंडी में जगह की कमी के कारण किसानों को धान पूंडरी-पाई मुख्य सड़क पर उतारना पड़ रहा है। इससे करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क पर यातायात प्रभावित होने और वन-वे जैसी स्थिति बनने का दावा किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीद के दौरान किसानों से 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक अवैध कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। खरीद और उठान में देरी के कारण किसान, मजदूर और आढ़ती परेशान हैं। विरोध स्वरूप किसानों द्वारा पूंडरी में हैफेड कार्यालय तथा कैथल, सफीदों और जगाधरी में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर ताले लगाने की घटनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। राजौंद में किसानों द्वारा हाईवे जाम करने की बात भी कही।
कैथल में 2.41 लाख टन धान की आवक, उठान केवल 27 हजार टन
आदित्य सुरजेवाला ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि कैथल जिले में अब तक करीब 2.41 लाख टन धान की आवक हुई है, जबकि लगभग 1.25 लाख टन की खरीद हुई है। इसके मुकाबले उठान महज 27 हजार टन हुआ है।
उन्होंने कहा कि उठान की धीमी गति के कारण खरीदा गया धान भी मंडियों में पड़ा है। ट्रकों की कमी और परिवहन व्यवस्था में देरी के चलते आढ़तियों की दुकानों पर दिनभर में एक ट्रक पहुंचने जैसी स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक, कई किसान सात-सात दिन से मंडियों में इंतजार कर रहे हैं, जबकि खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से संपर्क करने में भी परेशानी हो रही है।
धान खरीद के भुगतान पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक ने प्रदेश में धान खरीद के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में 1,164 करोड़ रुपये का धान खरीदा गया, लेकिन किसानों के खातों में केवल 199 करोड़ रुपये पहुंचे हैं। उनके अनुसार, 23 जिलों में से केवल पांच जिलों में भुगतान शुरू हुआ है।
उन्होंने कैथल के क्योड़क गांव के किसान जयभगवान का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान ने 2 अक्टूबर को धान बेचा था, लेकिन 9 अक्टूबर तक भुगतान नहीं मिला। सुरजेवाला ने कहा कि त्योहारों के समय किसानों को अपनी फसल का पैसा नहीं मिलना चिंता का विषय है।
उनके मुताबिक, प्रदेश में धान की कुल आवक 12.77 लाख टन, खरीद 5.82 लाख टन और उठान करीब 27 प्रतिशत है। उन्होंने सरकार से खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की।
प्रति एकड़ धान खरीद कोटा खत्म करने की मांग
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इस बार प्रति एकड़ धान खरीद की सीमा निर्धारित किए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि कैथल में प्रति एकड़ 27.39 क्विंटल और पलवल में 21.39 क्विंटल की सीमा का उल्लेख किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 35 क्विंटल तक खरीद होने की बात कही गई थी।
उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था के कारण कैथल के किसानों को प्रति एकड़ लगभग 18,500 रुपये तक का नुकसान हो सकता है। कांग्रेस विधायक ने सरकार से प्रति एकड़ कोटा समाप्त करने और किसानों की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की मांग की।
कंबाइन संचालन और पराली नियमों पर भी जताई आपत्ति
विधायक ने धान की कटाई के समय और पराली प्रबंधन से जुड़े नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन संचालन पर रोक, नियम तोड़ने पर 30 हजार रुपये जुर्माने और जमाबंदी में रेड एंट्री जैसी व्यवस्थाओं से किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
उन्होंने पराली जलाने से जुड़े नियमों के तहत 30 महीने तक पोर्टल बंद रहने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई। सुरजेवाला ने कहा कि किसानों को दंडित करने के बजाय पराली प्रबंधन के लिए मशीनें, तकनीकी सहायता और खरीद व्यवस्था उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
नमी के नाम पर कटौती का आरोप, धान सुखाने की व्यवस्था की मांग
आदित्य सुरजेवाला ने धान में नमी का हवाला देकर खरीद में देरी और कटौती किए जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कैथल में पीआर धान की आवक के बावजूद शुरुआत में खरीद नहीं होने की शिकायतें सामने आईं। उनके अनुसार, मंडियों में धान सुखाने के लिए पर्याप्त ड्रायर और स्थान की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नमी के नाम पर किसानों को प्रति क्विंटल 250 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी नमी जांच, पर्याप्त मशीनों और धान सुखाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ये आरोप विधायक द्वारा लगाए गए हैं; संबंधित खरीद एजेंसियों का पक्ष इसमें शामिल नहीं है।
एमएसपी बढ़ोतरी और खाद की उपलब्धता पर भी सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायक ने खाद्य महंगाई, गेहूं के एमएसपी में बढ़ोतरी और खाद की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को बुआई के समय खाद के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ता है और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आती हैं।
उन्होंने सरकार से डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, कृषि लागत के अनुसार एमएसपी बढ़ाने और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
आदित्य सुरजेवाला ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें
विधायक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा सरकार से मांग की कि:
- धान का हर दाना एमएसपी पर खरीदा जाए और प्रति एकड़ खरीद कोटा समाप्त किया जाए।
- पुंडरी अनाज मंडी के सभी गेट खोले जाएं और पर्याप्त संख्या में ट्रकों की व्यवस्था की जाए।
- मंडियों से 48 घंटे के भीतर धान का उठान सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों को 72 घंटे में भुगतान करने के वादे को पूरा किया जाए और 2 अक्टूबर से लंबित भुगतान जारी किया जाए।
- नमी के नाम पर अनुचित कटौती और कच्ची पर्ची की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए।
- कंबाइन संचालन संबंधी पाबंदियों, 30 हजार रुपये के जुर्माने और रेड एंट्री संबंधी प्रावधानों की समीक्षा की जाए।
- पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मशीनें और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
- धान खरीद का लक्ष्य कम न किया जाए तथा डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
‘रील नहीं, राहत दीजिए’: आदित्य सुरजेवाला
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि पुंडरी में किसान सड़क पर धान उतारने को मजबूर हैं और कैथल में किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों ने पहले भी अपने आंदोलन के जरिए तीन कृषि कानूनों को वापस करवाया था और कांग्रेस किसानों के हितों की लड़ाई मंडियों से लेकर विधानसभा तक लड़ती रहेगी।
विधायक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील करते हुए कहा कि किसानों को आश्वासन देने के बजाय वास्तविक राहत दी जाए और धान की खरीद तथा भुगतान में तेजी लाई जाए।
कांग्रेस के कई नेता और आढ़ती रहे मौजूद
पुंडरी अनाज मंडी के दौरे के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचन्द्र गुर्जर ढांड, अनाज मंडी के पूर्व प्रधान रामपाल बरसाना, ध्यान सिंह, नरेंद्र सिंह, राजेंद्र बुच्ची, उज्जवल आढ़ती, रामफल मोहना, नरेंद्र शर्मा पिलनी, ओमप्रकाश, पुष्पेंद्र, नसीब फौजी, दिनेश सरपंच आढ़ती, अजमेर बाकल, रमेश मुंदड़ी आढ़ती, मोनी आढ़ती, दर्शन खनौदा, नवीन गोरा, बृजेश गोरा, राजेश मास्टर आढ़ती, सुशील आढ़ती, संजय जांबा, धर्मपाल सिरसल, अमृत वालिया, राजकुमार मुन्नारेहड़ी, अनिल खेड़ी, सुभाष खेड़ी, रणबीर मदूद, शीशपाल करोड़ा और सुशील जांबा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नोट: खरीद, उठान, भुगतान और किसानों को संभावित नुकसान से संबंधित आंकड़े एवं आरोप विधायक आदित्य सुरजेवाला द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित हैं।


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