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एशियाई खेलों में 36% पदकों में योगदान देने वाले हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी: CPI(M)


चंडीगढ़, 6 अक्टूबर 2026। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) हरियाणा ने मांग की है कि एशियाई खेलों में देश के पदक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हरियाणा को आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर दिया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा और प्रदर्शन को देखते हुए वर्ष 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स हरियाणा में आयोजित किए जाने चाहिए।
CPI(M) हरियाणा के राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने प्रेस के नाम जारी विज्ञप्ति में एशियाई खेलों में भारत के लिए पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जापान के नागोया शहर और आइची प्रिफेक्चर में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण सहित कुल 85 पदक जीते हैं।
भारत के करीब 495 खिलाड़ियों में 80 हरियाणा से
प्रेम चंद ने कहा कि इन एशियाई खेलों में भारत की ओर से करीब 495 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें लगभग 80 खिलाड़ी हरियाणा के थे। हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 31 पदक जीते, जिनमें से 26 पदक महिला खिलाड़ियों ने हासिल किए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की महिला खिलाड़ियों ने खेलों में जिस तरह की प्रतिभा और गंभीरता का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए प्रदेश में विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद अलग महिला खेल नीति बनाए जाने की जरूरत है। खेल, पढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की अग्रणी भूमिका उनकी प्रतिभा को दर्शाती है।
पिछले एशियाई खेलों की तुलना में घटा हरियाणा का पदक योगदान
CPI(M) ने कहा कि चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में भारत ने 107 पदक जीते थे, जबकि इस बार देश के पदकों की संख्या 22 कम रही। इसी तरह हरियाणा के प्रदर्शन में भी कमी आई है। पिछले एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 45 पदक जीते थे, जबकि इस बार यह संख्या 31 रही।
पार्टी का कहना है कि यदि खेल बजट का उचित आवंटन और बेहतर प्रबंधन किया जाए तो हरियाणा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।
हरियाणा से ज्यादा खेल बजट गुजरात को मिलने पर सवाल
प्रेम चंद ने खेल अवसंरचना के लिए केंद्रीय खेलो इंडिया योजना के तहत वर्ष 2025-26 के बजट आवंटन का हवाला देते हुए कहा कि गुजरात को करीब 426.13 करोड़ रुपये, जबकि हरियाणा को लगभग 66.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि बेहतर खेल प्रदर्शन करने वाले हरियाणा को अपेक्षाकृत कम बजट क्यों दिया गया।
CPI(M) ने इसी आधार पर मांग की कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेलों में योगदान को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के लिए खेल बजट में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स हरियाणा में कराने की मांग
पार्टी ने कहा कि वर्ष 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित किए जाने की बात है, लेकिन हरियाणा के शानदार खेल प्रदर्शन को देखते हुए इन खेलों की मेजबानी हरियाणा को दी जानी चाहिए।
प्रेम चंद ने कहा कि हरियाणा ने देश को लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। ऐसे में प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े खेल आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलना चाहिए।
खेल महाकुंभ में देरी पर सरकार को घेरा
CPI(M) ने प्रदेश सरकार पर खेल कैलेंडर के अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं करने का भी आरोप लगाया। पार्टी के मुताबिक खेल कैलेंडर के अनुसार 20 से 23 जुलाई 2026 तक खेल महाकुंभ आयोजित होना था, लेकिन सितंबर बीतने के बाद भी जिला स्तर पर ट्रायल शुरू नहीं हो पाए।
प्रेम चंद ने कहा कि आगे स्कूलों और कॉलेजों की परीक्षाओं का दबाव बढ़ेगा, जिससे खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए खेल गतिविधियों में हिस्सा लेना और मुश्किल हो सकता है।
खेल मैदानों और बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट कराने की मांग
CPI(M) ने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी अभी भी बनी हुई है। पार्टी के अनुसार खेल मैदानों और खेल सुविधाओं की खराब स्थिति का खिलाड़ियों की प्रतिभा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पार्टी ने मांग की कि प्रदेश के विशिष्ट खिलाड़ियों को शामिल करते हुए राज्य में उपलब्ध तमाम खेल सुविधाओं और खेल अवसंरचना का सोशल ऑडिट कराया जाए। इसके साथ ही खेलों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रबंधन, पर्याप्त बजट और आधुनिक खेल सुविधाओं पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।

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