SEO Title: कैथल में ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का प्रदर्शन, ₹42 हजार न्यूनतम वेतन की मांग
Meta Title: कैथल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स प्रदर्शन | ड्राइवरों की मांगें
Meta Description: कैथल में ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। ड्राइवरों ने ₹42 हजार न्यूनतम वेतन, पेंशन और भारी जुर्माने वापस लेने की मांग की।
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कैथल में ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन का प्रदर्शन, भारी जुर्मानों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
कैथल, 9 अक्टूबर 2026। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की विभिन्न मांगों को लेकर दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को कैथल में प्रदर्शन किया गया। जिला प्रधान जसबीर सिंह के नेतृत्व में यूनियन के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर कथित हमलों, भारी-भरकम चालान और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं मिलने पर रोष जताया। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को सुरक्षा और सुविधाएं देने की मांग
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा के राज्य कैशियर जसबीर सिंह ने कहा कि असंगठित ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले ड्राइवर, क्लीनर और अन्य कर्मचारी यात्रियों तथा सामान को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दिन-रात सड़कों पर रहते हैं। उन्हें गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। सड़क परिवहन व्यवस्था में ट्रक, बस, कैंटर, डंपर, टेंपो, टैक्सी, पिकअप, थ्री-व्हीलर और ई-रिक्शा चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जसबीर सिंह और धर्मपाल भुना ने कहा कि ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को नौकरी की सुरक्षा, निर्धारित ड्यूटी समय, साप्ताहिक अवकाश, पीएफ, ईएसआई और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क पर ड्यूटी के दौरान कई बार ड्राइवरों को पुलिस और परिवहन अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
भारी चालान, टोल और ईंधन की कीमतों पर जताया विरोध
यूनियन नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए वाहन स्क्रैप पॉलिसी, इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी, टोल टैक्स और डीजल, पेट्रोल व सीएनजी की कीमतों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नियमों के उल्लंघन पर हजारों रुपये के चालान से ट्रांसपोर्ट वर्कर्स पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
यूनियन ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) और 106 (2) में सजा एवं जुर्माने से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने और इस संबंध में संसद में आवश्यक संशोधन लाने की मांग की। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की जांच पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम से कराने की मांग उठाई।
ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- न्यूनतम वेतन: ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए 42,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
- 8 घंटे की ड्यूटी: प्रतिदिन आठ घंटे काम, साप्ताहिक अवकाश और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- पीएफ और ईएसआई: सभी पात्र ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों को भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी सुविधाएं दी जाएं।
- मासिक पेंशन: 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर 21,000 रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था की जाए।
- कल्याण बोर्ड: असंगठित क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए कल्याण कोष बोर्ड गठित किया जाए।
- ब्याज मुक्त ऋण: ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को आसान किस्तों पर ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए।
- बीमा और चार्जिंग स्टेशन: ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और टैक्सी के बीमा की व्यवस्था सरकार करे तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध करवाए जाएं।
- पार्किंग की सुविधा: शहरों में बस स्टैंडों के आसपास ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी स्टैंड के लिए स्थान निर्धारित किया जाए।
- मोटर व्हीकल एक्ट: मोटर व्हीकल एक्ट, 2019 में किए गए संशोधनों को वापस लिया जाए।
- ईंधन और बीमा दरें: डीजल, पेट्रोल, सीएनजी की कीमतों और इंश्योरेंस प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए तथा टोल वसूली बंद की जाए।
- स्क्रैप पॉलिसी: वाहन स्क्रैप पॉलिसी को अनिवार्य करने के बजाय ऐच्छिक बनाया जाए।
- सरकारी परिवहन मजबूत हो: रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (RTC) को मजबूत करने के लिए सरकारी साधारण बसों और इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, रखरखाव तथा संचालन हेतु वित्तीय सहायता दी जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनियन नेताओं ने कहा कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था और यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इस क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो यूनियन आंदोलन को और तेज करेगी।
इस अवसर पर धर्मपाल भुना, सतपाल सिंह, बलजीत सिंह, विमल कुमार, रमेश कुमार, अनुप कुमार, नरेश कुमार सहित यूनियन के अन्य सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कैथल समाचार: ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में न्यूनतम वेतन, पेंशन, नौकरी की सुरक्षा और भारी जुर्मानों से राहत सहित कई मांगें उठाई हैं।


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