कैथल, 2 अक्टूबर। हरियाणा रोडवेज में संचालित किलोमीटर स्कीम की बसों से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने चिंता जताई है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इन बसों के चालकों के अप्रशिक्षित और ठेके पर नियुक्त होने के कारण हादसों की स्थिति बन रही है।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ, एटक के राज्य प्रधान निशान सिंह, राज्य महासचिव जयवीर घणघस, राज्य मुख्य संगठनकर्ता कृष्ण किछाना, राज्य ऑडिटर महावीर संधु और कैथल डिपो प्रधान प्रवीण कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर सरकार से किलोमीटर स्कीम को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
किलोमीटर स्कीम की बसों को लेकर यूनियन ने उठाए सवाल
यूनियन नेताओं ने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों का रंग-रूप हरियाणा रोडवेज की सरकारी बसों जैसा ही है। इसके कारण सड़क पर दुर्घटना होने की स्थिति में आम जनता को यह भ्रम हो जाता है कि हादसा सरकारी रोडवेज बस के चालक की वजह से हुआ है।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशिक्षित और ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले सरकारी रोडवेज चालकों की छवि प्रभावित हो रही है। साथ ही, ऐसी घटनाओं से पूरे हरियाणा रोडवेज विभाग की साख पर भी असर पड़ रहा है।
किलोमीटर स्कीम का ठेका खत्म करने की मांग
रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने सरकार से मांग की है कि किलोमीटर स्कीम का ठेका तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। यूनियन नेताओं के अनुसार इन बसों को हरियाणा रोडवेज के नियमित बेड़े में शामिल किया जाना चाहिए और इन पर नियमित एवं प्रशिक्षित सरकारी चालकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
यूनियन ने कहा कि इस मांग को लेकर सरकार को पहले भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि यात्रियों की सुरक्षा और हरियाणा रोडवेज की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए किलोमीटर स्कीम की बसों के संचालन की व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा प्रशिक्षित सरकारी चालकों के माध्यम से बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

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