


कैथल, 20 अगस्त। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया जाना चाहिए। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ परिवारों में आपसी सौहार्द भी बनाए रखा जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री वीरवार को कैथल न्यायिक परिसर पहुंचे और जिला बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।
बार एसोसिएशन की मांगों पर किया जाएगा विचार
अर्जुन राम मेघवाल ने जिला बार एसोसिएशन की विभिन्न मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही देशभर के अधिवक्ताओं के लिए इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नए चैंबर्स बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और हरियाणा सरकार से बातचीत कर कैथल की मांग के अनुसार अतिरिक्त बजट आवंटित करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने न्यायिक परिसर और लाइब्रेरी में सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध करवाने की बात भी कही। डिजिटल इंडिया के तहत रेवेन्यू कोर्ट को ऑनलाइन करने पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिवक्ताओं और आमजन को न्यायिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिल सके।
कलायत उपमंडल में जल्द बनेगा न्यायालय
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि कलायत उपमंडल में जल्द ही न्यायालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को आमजन के और अधिक करीब लाने तथा लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं से जरूरतमंद और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
न्याय व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है और अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। आमजन को समयबद्ध, सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध करवाने में अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। न्यायालयों में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
अधिवक्ताओं को लगातार सीखते रहने का संदेश
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस कुलदीप तिवाड़ी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन की मांगों पर विचार कर उन्हें पूरा करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जस्टिस चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि कैथल बार एसोसिएशन से उनका पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि जीवन में निरंतर सीखते रहना और खुद को अपडेट रखना जरूरी है, ताकि नागरिकों को जल्द और बेहतर न्याय दिलाया जा सके।
इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही ने भी संबोधित किया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए एसोसिएशन की विभिन्न मांगें केंद्रीय राज्य मंत्री के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम के दौरान जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस कुलदीप तिवाड़ी, रजिस्ट्रार चंद्रशेखर वशिष्ठ, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही, डीसी अपराजिता और एसपी मनप्रीत सिंह का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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मध्यस्थता से पारिवारिक विवादों में कमी: अर्जुन राम मेघवाल | कलायत में जल्द बनेगा न्यायालय
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कैथल न्यायिक परिसर में केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मध्यस्थता से पारिवारिक विवाद कम करने और कलायत में जल्द न्यायालय बनाने की बात कही।
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कैथल न्यायिक परिसर में अधिवक्ताओं को किया संबोधित, कलायत में जल्द बनेगा न्यायालय
कैथल, 20 अगस्त। केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया जाना चाहिए। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ परिवारों में आपसी सौहार्द भी बनाए रखा जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री वीरवार को कैथल न्यायिक परिसर पहुंचे और जिला बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और अधिवक्ताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।
बार एसोसिएशन की मांगों पर किया जाएगा विचार
अर्जुन राम मेघवाल ने जिला बार एसोसिएशन की विभिन्न मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही देशभर के अधिवक्ताओं के लिए इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। नए चैंबर्स बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और हरियाणा सरकार से बातचीत कर कैथल की मांग के अनुसार अतिरिक्त बजट आवंटित करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने न्यायिक परिसर और लाइब्रेरी में सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध करवाने की बात भी कही। डिजिटल इंडिया के तहत रेवेन्यू कोर्ट को ऑनलाइन करने पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिवक्ताओं और आमजन को न्यायिक एवं राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिल सके।
कलायत उपमंडल में जल्द बनेगा न्यायालय
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि कलायत उपमंडल में जल्द ही न्यायालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को आमजन के और अधिक करीब लाने तथा लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिवक्ताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं से जरूरतमंद और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
न्याय व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है और अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। आमजन को समयबद्ध, सुलभ और प्रभावी न्याय उपलब्ध करवाने में अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। न्यायालयों में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
अधिवक्ताओं को लगातार सीखते रहने का संदेश
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस कुलदीप तिवाड़ी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन की मांगों पर विचार कर उन्हें पूरा करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जस्टिस चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि कैथल बार एसोसिएशन से उनका पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि जीवन में निरंतर सीखते रहना और खुद को अपडेट रखना जरूरी है, ताकि नागरिकों को जल्द और बेहतर न्याय दिलाया जा सके।
इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही ने भी संबोधित किया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए एसोसिएशन की विभिन्न मांगें केंद्रीय राज्य मंत्री के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम के दौरान जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस कुलदीप तिवाड़ी, रजिस्ट्रार चंद्रशेखर वशिष्ठ, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही, डीसी अपराजिता और एसपी मनप्रीत सिंह का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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मध्यस्थता से पारिवारिक विवादों में कमी: अर्जुन राम मेघवाल | कलायत में जल्द बनेगा न्यायालय
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कैथल न्यायिक परिसर में केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मध्यस्थता से पारिवारिक विवाद कम करने और कलायत में जल्द न्यायालय बनाने की बात कही।
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