
कैथल: किसान नेता सतपाल दिलों वाली और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता गांव गुना के खरीद केंद्र पर पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न परेशानियों को साझा किया, जिससे खरीद केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
किसानों ने बताया कि बायोमेट्रिक और गेट पास प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण काफी समय लग रहा है। विशेष रूप से बुजुर्ग किसानों के अंगूठे का निशान मशीन में मेल नहीं खाता, जिससे उन्हें बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सिस्टम या साइट बंद हो जाने से भी काम प्रभावित हो रहा है।
किसानों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से गेहूं की तुलाई हो चुकी है, लेकिन अब तक उठान नहीं हुआ है। केंद्र में गेहूं रखने की जगह तक नहीं बची है और चारों तरफ कट्टों का ढेर लगा हुआ है। इसके साथ ही बारदाने की भी भारी कमी हो गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
किसानों का कहना है कि जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा, तब तक उनके खातों में भुगतान नहीं आ पाएगा। सरकार द्वारा 48 घंटे के भीतर भुगतान की घोषणा की जाती है, लेकिन यदि उठान ही नहीं होगा तो भुगतान संभव नहीं है।
किसानों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि गांव गुना के खरीद केंद्र से गेहूं का उठान जल्द से जल्द कराया जाए और पर्याप्त मात्रा में बारदाना भी उपलब्ध करवाया जाए, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
इस मौके पर नापतोल की भी जांच की गई, जो लगभग सभी मामलों में सही पाई गई।
कार्यक्रम के दौरान रमेश पंडित, होशियार सिंह रूहल, दीपा रूहल, वासुदेव, पूर्व पंच बीसखी, कुलदीप रूहल, बास और राम, सुबह सिंह चहल सहित अन्य किसान उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी समस्याएं सामने रखीं।