गुहला-चीका (सुरिंदर वधावन)। नेपाल की राजधानी काठमांडू में 9 से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित वर्ल्ड कप पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप-2026 में हरियाणा के कैथल जिले के गांव कवातरन निवासी पूर्व सैनिक राजिंदर सिंह राज सिन्हा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 27 देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनकी उपलब्धि से गांव, कैथल जिले और पूरे हरियाणा में खुशी का माहौल है।
20 साल भारतीय सेना में दी देश को सेवाएं
राजिंदर सिंह राज सिन्हा भारतीय सेना में करीब 20 वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। सेना में रहते हुए उन्होंने अनुशासन, मेहनत और समर्पण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने खेलों के प्रति अपने जुनून को बरकरार रखा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल हासिल किए।
मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से हासिल की अंतरराष्ट्रीय सफलता
राजिंदर सिंह राज सिन्हा की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने साबित किया कि लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून, अनुशासन और आत्मविश्वास बेहद जरूरी हैं। उनकी सफलता युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देती है।
सेना के बाद खेल के अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया तिरंगे का मान
गांव कवातरन की मिट्टी में पले-बढ़े राजिंदर सिंह राज सिन्हा ने पहले भारतीय सेना में सेवाएं देकर देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाया और अब पावरलिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के खेल प्रेमियों और युवाओं में उत्साह है।
राज सिन्हा इससे पहले भी कई देशों में पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और देश का परचम लहरा चुके हैं। अब वह दिसंबर 2026 में अमेरिका में आयोजित होने वाली पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं।
नेपाल में दो स्वर्ण पदक जीतकर राजिंदर सिंह राज सिन्हा ने एक बार फिर साबित किया है कि हरियाणा के खिलाड़ी मेहनत, हिम्मत और अनुशासन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि कैथल जिले के लिए गर्व का विषय है।


