रादौर/यमुनानगर, 10 अक्टूबर 2026। हरियाणा में धान खरीद, फसल उठान और किसानों को भुगतान में देरी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने शनिवार को रादौर की अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के 48 घंटे में भुगतान और उठान के वादे पर सवाल खड़े किए।
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने धान खरीद शुरू होने से पहले किसानों को समय पर भुगतान, फसल उठान और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब कृषि मंत्री के अपने हलके में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो प्रदेश की अन्य मंडियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
धान खरीद के बाद उठान में देरी, मंडियों में बोरियों के ढेर
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि खरीद शुरू होने के छह दिन बाद तक उठान की स्थिति बेहद खराब रही और डेढ़ लाख से अधिक कट्टे मंडी के फड़ों पर पड़े रहे। उनके अनुसार, यमुनानगर जिले में 1.12 लाख टन धान की आवक के मुकाबले 66 हजार टन धान की खरीद हुई, जबकि उठान केवल 7 हजार टन हो सका।
उन्होंने कहा कि धान की खरीद के बावजूद उठान में देरी से किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। मंडियों में जगह की कमी और फसल के लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं।
किसानों के भुगतान में देरी का आरोप
आदित्य सुरजेवाला ने प्रदेश में धान खरीद के भुगतान को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 1,164 करोड़ रुपये के धान की खरीद के मुकाबले किसानों के खातों में केवल 199 करोड़ रुपये पहुंचे हैं। उनके अनुसार, यमुनानगर में धान बेचने वाले हजारों किसानों के बीच भुगतान केवल 75 किसानों को किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में धान की आवक और खरीद के मुकाबले उठान की रफ्तार बेहद धीमी है। सुरजेवाला के मुताबिक, कैथल, सफीदों और जगाधरी में किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मार्केट कमेटी कार्यालयों पर ताले तक लगा दिए।
प्रति एकड़ धान खरीद कोटा घटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक ने नमी के नाम पर धान की कटौती और प्रति एकड़ खरीद सीमा निर्धारित करने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष जहां 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीद होती थी, वहीं इस बार यमुनानगर में प्रति एकड़ कोटा घटाकर 27.73 क्विंटल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की फसल का एक बड़ा हिस्सा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने से प्रभावित हो सकता है। सुरजेवाला ने सरकार से मांग की कि प्रति एकड़ खरीद कोटा समाप्त कर किसानों का पूरा धान एमएसपी पर खरीदा जाए और नमी के नाम पर होने वाली कटौती पर रोक लगाई जाए।
पराली और कंबाइन संबंधी नियमों पर भी जताई आपत्ति
आदित्य सुरजेवाला ने पराली जलाने से जुड़े नियमों, कंबाइन संचालन पर समय संबंधी पाबंदियों और जुर्माने को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पराली जलाने के मामलों में पोर्टल बंद करने और रेड एंट्री जैसी कार्रवाई से किसानों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मंडियों में धान की नमी जांचने के लिए ड्रायर लगाने तथा खरीद प्रक्रिया को किसानों के लिए सरल बनाने की मांग की।
‘फोटो नहीं, किसानों को फसल का पैसा दीजिए’
आदित्य सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा पर निशाना साधते हुए कहा कि खरीद सीजन की शुरुआत में पहली ढेरी के साथ तस्वीरें तो खिंच गईं, लेकिन किसानों को उनकी फसल का भुगतान कब मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि किसानों को प्रचार नहीं, बल्कि उनकी मेहनत की फसल का पैसा समय पर चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस किसानों के मुद्दों को मंडियों से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी।
कांग्रेस विधायक ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें
आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार से मांग की कि:
- रादौर सहित यमुनानगर जिले की सभी अनाज मंडियों में धान का नियमित और समयबद्ध उठान सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करने का वादा पूरा किया जाए।
- प्रति एकड़ खरीद कोटा समाप्त कर किसानों का पूरा धान एमएसपी पर खरीदा जाए।
- नमी के नाम पर अनुचित कटौती रोकी जाए और मंडियों में धान सुखाने के लिए ड्रायर लगाए जाएं।
- रादौर मंडी में शेड और पानी की निकासी से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए।
- कंबाइन संचालन पर लगाई गई पाबंदियों, 30 हजार रुपये के जुर्माने और 30 महीने की रेड एंट्री संबंधी प्रावधानों को वापस लिया जाए।
- धान खरीद का लक्ष्य 62 लाख टन से कम न रखा जाए और गेहूं के एमएसपी में महंगाई के अनुरूप बढ़ोतरी की जाए।
सुरजेवाला ने कहा कि रादौर सहित हरियाणा के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से मंडियों में खरीद, उठान और भुगतान व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।
नोट: धान की आवक, खरीद, उठान और भुगतान से संबंधित आंकड़े कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला के प्रेस नोट में किए गए दावों पर आधारित हैं।


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