कैथल। हरियाणा में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के राशन कार्ड काटे जाने को लेकर कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव 2024 से पहले प्रदेश में जहां करीब 52.50 लाख बीपीएल परिवार थे, वहीं चुनाव के बाद लाखों गरीब परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया गया।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि गरीब परिवारों के साथ धोखाधड़ी और हकमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में नए बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड बनाए गए, लेकिन चुनाव के बाद बड़ी संख्या में परिवारों के राशन कार्ड काट दिए गए।
विधानसभा में सामने आए सरकारी आंकड़ों का दिया हवाला
कांग्रेस विधायक ने फरवरी 2026 में विधानसभा में पूछे गए अपने सवाल के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की ओर से सदन में बताया गया था कि जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 तक 7.01 लाख नए बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड बनाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2024 में संपन्न होने के बाद जनवरी 2026 तक करीब 12.12 लाख बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के राशन कार्ड काट दिए गए। सुरजेवाला के अनुसार, यह आंकड़ा सरकार की ओर से विधानसभा में दिए गए जवाब पर आधारित है, जबकि उनके मुताबिक अब तक 14 लाख से अधिक गरीब परिवारों के राशन कार्ड काटे जा चुके हैं।
39.89 लाख BPL परिवारों के सत्यापन पर भी सवाल
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में करीब 39.89 लाख बीपीएल परिवार हैं और सरकार अब इन परिवारों की आय सार्वजनिक कर ग्राम सभाओं के माध्यम से सत्यापन कराने की योजना चला रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 1 सितंबर से शुरू हुई ग्राम सभाओं में कई स्थानों पर कोरम पूरा होने में भी परेशानी सामने आ रही है। उनके मुताबिक ग्राम सचिवों ने भी यह सवाल उठाया है कि बिना उचित सर्वे के परिवार की आय, मकान, संपत्ति और अन्य संसाधनों का सही सत्यापन करना मुश्किल होगा।
ग्राम सचिवों की भूमिका और सत्यापन प्रक्रिया पर चिंता
कांग्रेस विधायक ने ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से उठाई गई चिंताओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि गांवों में एक ही नाम के कई लोग हो सकते हैं और ग्राम सचिवों को कई मामलों में केवल नाम और फैमिली आईडी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने दावा किया कि कई लोगों की पहचान ग्रामीणों के लिए भी स्पष्ट नहीं होती, जिससे गलत सत्यापन की संभावना बनी रहती है। सुरजेवाला ने कहा कि बीपीएल परिवारों की पहचान और सत्यापन के लिए पारदर्शी एवं वास्तविक जमीनी सर्वे की आवश्यकता है।
आदित्य सुरजेवाला का भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार की कोशिश कागजों पर परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक दिखाकर उन्हें बीपीएल सूची से बाहर करने की है। उन्होंने कहा कि यदि गरीब परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया गया तो उन्हें मिलने वाले राशन सहित कई सरकारी योजनाओं के लाभ पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर गरीब विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय गरीब परिवारों को महत्व दिया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनके अधिकारों पर कथित तौर पर कैंची चलाई जा रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा के गरीब परिवारों के राशन का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए और बीपीएल सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर गरीबों का निवाला छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सरकार की नीतियों का जवाब समय आने पर देगी।

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