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विदेश से रिश्तेदार बनकर साइबर ठगी कर रहे ठग, रहें सावधान: एसपी मनप्रीत सिंह सूदन

पैसे ट्रांसफर करने से पहले अच्छी तरह जांच लें, टेक्नोलॉजी के दौर में सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय

कैथल, 18 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठग विदेश में रहने वाले रिश्तेदार या जानकार बनकर लोगों को फोन कर रहे हैं और इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसों की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कैथल के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से पहले फोन कॉल की सत्यता की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

विदेश में पढ़ने या काम करने वाले बच्चों के नाम पर ठगी

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि आजकल बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में विदेशों में रह रहे हैं। साइबर ठग इसी बात का फायदा उठाते हैं। वे फोन करके कहते हैं कि आपके बच्चे या रिश्तेदार का एक्सीडेंट हो गया है, किसी से झगड़ा हो गया है या पुलिस ने उसे किसी मामले में पकड़ लिया है।

ठग समझौते या कानूनी परेशानी से बाहर निकालने के नाम पर तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं। परिवार के सदस्य विदेश में रहने वाले अपने बच्चे या रिश्तेदार की चिंता में घबरा जाते हैं और बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि उनके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।

नकली रसीद और लिंक भेजकर भी हो रही ठगी

एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी विदेश में रहने वाला रिश्तेदार बनकर यह भी कहते हैं कि उन्होंने आपके बैंक खाते में पैसे भेज दिए हैं। वे दावा करते हैं कि भारत में एक एजेंट आपसे पैसे ले लेगा। विश्वास दिलाने के लिए ठग व्हाट्सएप पर पैसे ट्रांसफर करने की नकली रसीद भी भेज सकते हैं।

इसके अलावा, ठग खाते में पैसे जमा कराने के बहाने एक लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने को कहते हैं। ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से व्यक्ति की बैंकिंग जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती है और खाते से पैसे निकलने का जोखिम रहता है।

साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील की कि विदेश से रिश्तेदार या जानकार बनकर आने वाली किसी भी संदिग्ध कॉल पर जल्दबाजी में विश्वास न करें। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से संपर्क करके जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए इन सावधानियों का पालन करें:

  • किसी भी इमरजेंसी कॉल पर घबराकर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें।
  • विदेश में रहने वाले रिश्तेदार या जानकार से सीधे संपर्क करके मामले की पुष्टि करें।
  • अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
  • ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  • व्हाट्सएप पर भेजी गई भुगतान रसीद या स्क्रीनशॉट को देखकर ही लेन-देन को सही न मानें।
  • किसी एजेंट या अनजान व्यक्ति को पैसे देने से पहले सभी तथ्यों की जांच करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

एसपी ने कहा कि टेक्नोलॉजी के दौर में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का प्रभावी तरीका है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए भारत सरकार की साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए। ऑनलाइन शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in का भी उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या पैसों की मांग पर सावधानी बरतें और दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।