प्लाट बेचने के नाम पर 1 करोड़ 22.50 लाख की धोखाधड़ी, कैथल में आरोपी गिरफ्तार
कैथल, 7 अक्टूबर 2026। प्लाट बेचने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कैथल पुलिस की इक्नोमिक सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्य निवासी सेक्टर 19, कैथल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस संबंध में सेक्टर 20 हुडा, कैथल निवासी अभिषेक गुप्ता की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि स्नेहलता, सुनील कुमार और ऋषभ, निवासी सेक्टर 19 कैथल ने डीलरों के माध्यम से उससे और उसकी पत्नी से संपर्क किया था।
आरोपियों ने हुडा सेक्टर 21 कैथल स्थित प्लाट नंबर 690-P को बेचने की बात कही। प्लाट का सौदा 3 करोड़ 50 लाख रुपये में तय हुआ और इस संबंध में लिखित इकरारनामा भी किया गया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग तारीखों में शिकायतकर्ता से कुल 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त कर लिए। शिकायतकर्ता का विश्वास कायम करने के लिए हुडा विभाग से उसकी पत्नी निशि गोयल के नाम प्लाट ट्रांसफर करने की अनुमति भी जारी करवाई गई।
रजिस्ट्री नहीं होने पर हुआ शक
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब तय समय पर प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करवाई गई तो उसे आरोपियों की नीयत पर शक हुआ। इसके बाद हुडा विभाग से जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपियों ने निशि गोयल के नाम जारी की गई ट्रांसफर परमिशन को रद्द करवा दिया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि हुडा विभाग में निशि गोयल के नाम से एक कथित फर्जी बयान-हल्फिया भी पेश किया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी पत्नी ने ऐसा कोई बयान-हल्फिया तैयार या हस्ताक्षरित नहीं किया था।
पैसे वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे और प्लाट के संबंध में बातचीत की तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले की शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया।
इक्नोमिक सेल ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले की जांच इक्नोमिक सेल प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की अगुवाई में एएसआई सुरेंद्र द्वारा की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने लक्ष्य निवासी सेक्टर 19, कैथल को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लक्ष्य भी कथित धोखाधड़ी की वारदात में शामिल था। आरोपी से मामले में व्यापक पूछताछ के लिए न्यायालय से पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।


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