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कैथल पुलिस की एडवाइजरी: फर्जी SMS लिंक पर क्लिक करने से खाली हो सकता है बैंक खाता, SP मनप्रीत सिंह सूदन ने किया सावधान

रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें: फर्जी SMS लिंक बन रहे साइबर ठगी का खतरनाक हथियार

कैथल, 13 अक्टूबर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से फर्जी SMS और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी बैंक, सरकारी विभाग, कूरियर कंपनी, लॉटरी, इनाम और रिफंड के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ये मैसेज देखने में असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें दिए गए लिंक लोगों की निजी जानकारी और बैंक खाते की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

फर्जी SMS लिंक से कैसे होती है साइबर ठगी?

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि साइबर ठग मैसेज में “आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा”, “आपने इनाम जीत लिया है”, “आपका रिफंड बाकी है” या “आपका पार्सल अटक गया है” जैसे संदेश भेजते हैं। इनका उद्देश्य लोगों में डर या लालच पैदा करके उनसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाना होता है।

लिंक खोलने पर नकली बैंक या अन्य वेबसाइट के जरिए लॉगिन आईडी, पासवर्ड, ओटीपी और पिन जैसी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। कुछ मामलों में दुर्भावनापूर्ण ऐप या मालवेयर के जरिए मोबाइल की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है। इससे निजी जानकारी और बैंकिंग विवरण के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने बताया कि कुछ साइबर अपराधी संक्रमित मोबाइल या प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल करके पीड़ित के संपर्कों को भी फर्जी मैसेज भेज सकते हैं, जिससे दूसरे लोग भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।

साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

कैथल पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी:

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी संदिग्ध SMS, व्हाट्सऐप मैसेज या अन्य संदेश में दिए गए लिंक को खोलने से बचें।
  • OTP और पासवर्ड गोपनीय रखें: अपना ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
  • आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें: बैंकिंग सेवाओं के लिए बैंक की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का ही उपयोग करें।
  • डराने वाले संदेशों से सावधान रहें: अकाउंट बंद होने, इनाम मिलने या रिफंड का लालच देने वाले संदेशों की सत्यता जांचें।
  • मोबाइल और ऐप अपडेट रखें: फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम और बैंकिंग ऐप को अपडेट रखें तथा अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल न करें।
  • शक होने पर पुष्टि करें: किसी मैसेज की सत्यता जानने के लिए संबंधित बैंक या विभाग के आधिकारिक संपर्क माध्यम का उपयोग करें।

गलती से फर्जी लिंक खुल जाए तो क्या करें?

एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलती से संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर देता है या उसके साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो उसे तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। बैंक खाते या यूपीआई से संबंधित जोखिम होने पर बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करके आवश्यक सुरक्षा कदम उठाएं। यदि कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल किया गया है, तो सुरक्षित तरीके से उसे हटाएं और किसी सुरक्षित डिवाइस से प्रभावित पासवर्ड बदलें।

यदि खाते से अनधिकृत लेनदेन हुआ है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील की कि वे इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। किसी भी संदेश पर भरोसा करने या लिंक खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। थोड़ी-सी सावधानी लोगों को आर्थिक नुकसान और निजी जानकारी के दुरुपयोग से बचा सकती है।

कैथल पुलिस का संदेश है—रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें। सतर्क रहें, जागरूक बनें और साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं।