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कैथल में जैविक आपातकाल से निपटने के लिए NDRF की मॉक ड्रिल, 24 मरीजों को किया रेस्क्यू

कैथल, 15 अक्टूबर। कैथल में जैविक आपातकाल जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कमेटी चौक स्थित राजकीय बॉयज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई इस मॉक ड्रिल में NDRF, पुलिस, रेडक्रॉस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आपसी तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। इस दौरान पीड़ितों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और जरूरत के अनुसार मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई।

14 मरीजों को क्वारंटाइन, 8 को आइसोलेशन में भेजा

जैसे ही जैविक आपातकाल की सूचना मिली, NDRF के साथ जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग, रेडक्रॉस और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड पर आ गईं। संयुक्त टीमों ने प्रभावित लोगों को रेस्क्यू कर मेडिकल पोस्ट पर पहुंचाया, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान 14 मरीजों को क्वारंटाइन क्षेत्र में भेजा गया, जबकि 8 मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया। इसके अलावा 2 मरीज गंभीर अवस्था में मिले, जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग किया।

आपात स्थिति से निपटने के लिए ईआरबी-112, दुर्गा शक्ति, यातायात पुलिस और पुलिस राइडर्स की टीमों ने भी मोर्चा संभाला। सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया।

NDRF ने स्थापित किए कम्युनिकेशन और मेडिकल पोस्ट

मॉक ड्रिल के दौरान NDRF की टीम ने कम्युनिकेशन पोस्ट, मेडिकल पोस्ट, कमांड पोस्ट और स्टोर सहित आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित कीं। लगभग 30 सदस्यीय टीम ने प्रभावित क्षेत्र की मार्किंग की और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान चलाया। इस अभ्यास के माध्यम से आपदा के समय विभिन्न विभागों की प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था और आपसी समन्वय को परखा गया।

कार्यक्रम में सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल, NDRF के सहायक कमांडेंट देवेंद्र सिंह, डीएसपी रमेश चंद्र, डीआरओ चंद्र मोहन, डिप्टी डीईओ राजेंद्र आजाद और इंस्पेक्टर यशबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

शिवानी पांचाल ने कहा- आपदा के समय सभी विभागों का समन्वय जरूरी

सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनिंग) शिवानी पांचाल ने कहा कि डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में जैविक आपातकाल मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस तरह के अभ्यास समय-समय पर होने चाहिए, ताकि नागरिकों को आपदा के दौरान बचाव और राहत कार्यों की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान NDRF, पुलिस और रेडक्रॉस की टीमों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। आपदा की स्थिति में सभी विभागों और सामाजिक संस्थाओं का साझा उद्देश्य नागरिकों की जान बचाना होता है। ऐसे समय में सभी को आगे बढ़कर मानवता की सेवा करनी चाहिए।

17 अक्टूबर तक मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूकता अभियान

NDRF के सहायक कमांडेंट देवेंद्र सिंह ने बताया कि आपदा के समय NDRF की टीम मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्य करती है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों को परखना है।

उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक कैथल जिले में मॉक ड्रिल के माध्यम से नागरिकों को आपदा से निपटने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न विभागों को शामिल कर आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में NDRF की टीम ने सहायक आयुक्त शिवानी पांचाल और विद्यार्थियों को आपदा के दौरान इस्तेमाल होने वाली नावों तथा अन्य बचाव उपकरणों के बारे में जानकारी दी। इसका उद्देश्य आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों और बचाव तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।