कैथल, 18 अक्टूबर 2026। हरियाणा के कैथल जिले की अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद और उठान का कार्य लगातार जारी है। जिले में अब तक किसानों से 3,92,462 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि 2,68,070 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। कुल खरीद के मुकाबले करीब 68 प्रतिशत धान का उठान पूरा हो गया है।
डीसी अपराजिता ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों की फसल की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। रविवार को जिले की मंडियों में केवल धान उठान का कार्य किया गया, ताकि मंडियों में खरीदी गई फसल का समय पर उठान हो सके और किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैथल में किस खरीद एजेंसी ने कितनी खरीदा धान?
जिले में धान की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (डीएफएससी), हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) सहित संबंधित एजेंसियों के माध्यम से की जा रही है।
1. डीएफएससी विभाग: विभाग द्वारा अब तक 1,91,651 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसमें से 1,30,000 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। विभाग की खरीदी गई फसल में से करीब 68 प्रतिशत का उठान पूरा हो गया है।
2. हैफेड: एजेंसी द्वारा 1,33,264 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसमें से 89,025 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। हैफेड का उठान प्रतिशत करीब 67 है।
3. हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी): निगम द्वारा अब तक 67,547 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जिसमें से 49,045 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। इस एजेंसी का उठान प्रतिशत करीब 73 है।
किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध: डीसी अपराजिता
डीसी अपराजिता ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की फसल की सरकारी खरीद सुचारू रूप से करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारी और नोडल अधिकारी खरीद तथा उठान कार्य की निगरानी में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि धान की खरीद और उठान प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि मंडियों में खरीदी गई धान की फसल का समय पर उठान हो, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिले।
कैथल धान खरीद अपडेट: जिले में अब तक 3.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है और 2.68 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठान किया जा चुका है। प्रशासन का फोकस मंडियों में खरीद और उठान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर है।
