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कैथल: गियोंग स्कूल में नशा मुक्ति जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश

कैथल, 12 अक्टूबर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गियोंग में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) के तहत ‘नशा मुक्त भारत – स्वस्थ भारत’ अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन तथा सकारात्मक संगति अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

किशोरावस्था में गलत संगति से बचना जरूरी: डॉ. गुरप्रीत सिंह

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. गुरप्रीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था, विशेषकर 10वीं से 12वीं कक्षा के दौरान, बच्चों में नए अनुभवों के प्रति उत्सुकता अधिक होती है। इस उम्र में फैशन, दिखावे, दोस्तों के दबाव और गलत संगति के कारण कुछ विद्यार्थी बीड़ी, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में शौक या प्रयोग के तौर पर अपनाई गई नशे की आदत धीरे-धीरे गंभीर लत का रूप ले सकती है। इसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, भविष्य और पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने अस्पतालों में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सलाह दी।

डॉ. गुरप्रीत सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें नशे के लिए प्रेरित करता है, तो स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहें और ऐसी संगति से दूरी बनाए रखें, जो उन्हें गलत रास्ते पर ले जा सकती है।

प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को अनुशासन अपनाने के लिए किया प्रेरित

विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने छात्रों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मानस हेल्पलाइन 1933 की दी जानकारी

NCORD के नोडल अधिकारी अनूप धीमान ने सरकार की मानस (MANAS) पहल और हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए सहायता, परामर्श और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से संबंधित जानकारी भी उचित माध्यम से साझा की जा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों से अपील की कि नशे से संबंधित किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते सहायता लें और दूसरों को भी जागरूक करें।

शिक्षक और विद्यार्थी रहे उपस्थित

इस अवसर पर यतेंद्र, कमलेश रानी, रणदीप सिंह, सिल्की रानी, राम कुमार, मोहन लाल, आशा रानी, दीपक कुमार और संजय गुप्ता सहित विद्यालय के कर्मचारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने का संकल्प दोहराया।

कैथल समाचार: गियोंग स्कूल में आयोजित यह जागरूकता शिविर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम समझाने और स्वस्थ, अनुशासित जीवन अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।