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फसली सीजन में किसानों को साइबर ठगी का खतरा, SP मनप्रीत सिंह सूदन ने जारी की एडवाइजरी

कैथल, 6 अक्टूबर 2026। फसली सीजन शुरू होते ही साइबर अपराधियों ने किसानों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। किसानों को फसल भुगतान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज, बिजली कनेक्शन और कृषि यंत्रों के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बनाया जा सकता है। इसे लेकर कैथल पुलिस ने किसानों और आमजन के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

कैथल के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे जरूरी है।

फसल भुगतान के नाम पर हो सकती है ऑनलाइन ठगी

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि विशेष रूप से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) से होने वाली ऑनलाइन वित्तीय ठगी से किसान सावधान रहें। जिस बैंक खाते में फसल की राशि प्राप्त होनी है, उसमें अपना या परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर लिंक करवाकर रखें।

पुलिस ने किसानों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, आधार संबंधी जानकारी, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

गिरदावरी में अधिक रकबा दिखाने का लालच पड़ सकता है भारी

कैथल पुलिस ने किसानों को ओलावृष्टि या अतिवृष्टि के बाद सरकार द्वारा की जाने वाली गिरदावरी में अधिक रकबा दिखाने के लालच से बचने की सलाह दी है। साइबर अपराधी ऐसे मामलों में किसानों को आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल कर सकते हैं।

किसान सम्मान निधि के नाम पर ठगी से रहें सावधान

साइबर ठग किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की राशि रुकने या खाते में पैसा भेजने के नाम पर फोन कर सकते हैं। पुलिस ने किसानों से कहा है कि ऐसे किसी भी झांसे में आकर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

इन तरीकों से भी किसानों को ठग सकते हैं साइबर अपराधी

कैथल पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार किसान निम्नलिखित ऑनलाइन ठगी के तरीकों से विशेष रूप से सावधान रहें—

  • फ्री बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर अपनी जानकारी साझा न करें।
  • बिजली बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी देने वाले कॉल से सावधान रहें।
  • सस्ती खाद और बीज के ऑनलाइन विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
  • ऑनलाइन गाय, भैंस और अन्य पशुओं की खरीदारी में सावधानी बरतें।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचें।
  • फसल बीमा के नाम पर मांगी जाने वाली संदिग्ध जानकारी साझा न करें।
  • पुराने कृषि यंत्र, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य मशीनरी की सस्ती ऑनलाइन खरीदारी के लालच में न आएं।
  • घर बैठे कंपनी द्वारा आपकी फसल को महंगे दाम पर खरीदने के प्रलोभन में न आएं।

साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि सावधानी बरतने के बावजूद यदि किसी किसान या आम नागरिक के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

जरूरत पड़ने पर पीड़ित व्यक्ति नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर साइबर हेल्प डेस्क की मदद भी ले सकता है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने और आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

कैथल पुलिस ने किसानों से अपील की है कि फसली सीजन में किसी भी अनजान लिंक, फोन कॉल, ऑनलाइन विज्ञापन या लालच पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।

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