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फेसबुक-इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर मैसेज करने वालों से रहें सावधान: एसपी मनप्रीत सिंह सूदन

कैथल पुलिस की अपील, पैसे भेजने से पहले करें फोन पर सत्यापन; साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

कैथल, 12 अक्टूबर 2026। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से पैसे ऐंठने वाले साइबर ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परिचितों, रिश्तेदारों, दोस्तों, अधिकारियों या संस्थाओं के नाम और फोटो का इस्तेमाल करके फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद मैसेज भेजकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और अलग-अलग बहाने बनाकर आर्थिक ठगी करते हैं। यह चेतावनी कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने दी।

फर्जी सोशल मीडिया आईडी से लोगों को बना रहे निशाना

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से जहां लोगों के बीच संपर्क आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का माध्यम भी बना लिया है। ठग किसी परिचित की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट तैयार करते हैं। इसके बाद उसी व्यक्ति की पहचान बताकर मैसेज भेजते हैं और पैसों या निजी जानकारी की मांग करते हैं।

उन्होंने बताया कि कई बार साइबर ठग अस्पताल में किसी की आपातकालीन स्थिति, इंटरनेट काम न करने, ट्रांजेक्शन लिमिट खत्म होने या तुरंत पैसों की जरूरत का बहाना बनाते हैं। कुछ ठग सरकारी योजना या इनाम मिलने का लालच देकर लोगों से ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी हासिल करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाने का प्रयास करते हैं।

पैसे भेजने से पहले करें पहचान की पुष्टि

एसपी ने कहा कि कई लोग सोशल मीडिया प्रोफाइल पर लगी फोटो देखकर ही भरोसा कर लेते हैं और बिना पुष्टि किए पैसे भेज देते हैं। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।

उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि यदि कोई परिचित, रिश्तेदार या अधिकारी बनकर सोशल मीडिया पर पैसे मांगे, तो तुरंत भुगतान करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को उसके असली फोन नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

कैथल पुलिस ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

  • फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
  • किसी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला मैसेज मिलने पर पहले फोन करके सत्यापन करें।
  • अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • बैंक विवरण, पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
  • अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें।
  • फर्जी अकाउंट की पहचान होने पर उसे तुरंत रिपोर्ट और ब्लॉक करें।
  • परिवार के सदस्यों और दोस्तों को भी साइबर अपराध के तरीकों के प्रति जागरूक करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों पर भावनात्मक दबाव बनाकर जल्दबाजी में फैसला करवाते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। सोशल मीडिया पर मिलने वाले हर मैसेज को सच मानने के बजाय उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, पैसे को रोकने या वापस मिलने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

कैथल पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

फोटो कैप्शन: कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन।