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आरटीओ चालान के नाम पर साइबर ठगी, व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजकर बना रहे शिकार: एसपी मनप्रीत सिंह सूदन

कैथल एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आरटीओ चालान के नाम पर व्हाट्सऐप पर भेजी जा रही फर्जी APK फाइलों से सावधान रहने की अपील की। साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें।

Focus Keywords

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कैथल, 15 अक्टूबर 2026। कैथल में साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका अपनाया है। जालसाज खुद को आरटीओ अधिकारी बताकर लोगों के व्हाट्सऐप पर ट्रैफिक चालान के नाम से फर्जी APK फाइल भेज रहे हैं। इस फाइल को डाउनलोड करके खोलने पर मोबाइल फोन और उसमें मौजूद निजी जानकारियों के दुरुपयोग का खतरा हो सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक कैथल मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन को इस साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की है।

APK फाइल डाउनलोड करते ही बैंकिंग जानकारी पर मंडरा सकता है खतरा

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को ट्रैफिक चालान का डर दिखाकर व्हाट्सऐप पर APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करके इंस्टॉल करता है या उसके निर्देशों का पालन करता है, तो ठग मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और निजी जानकारी का दुरुपयोग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि कई मामलों में ठग व्हाट्सऐप अकाउंट का दुरुपयोग करके पीड़ित के निजी ग्रुप में भी ऐसी फाइल भेज देते हैं। इससे दूसरे लोग भी धोखाधड़ी का शिकार बन सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत ऐप पर ही जांचें ट्रैफिक चालान

कैथल पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त चालान संबंधी संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें।

ट्रैफिक चालान की जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत ऐप का ही इस्तेमाल करें। किसी भी संदिग्ध संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित सरकारी वेबसाइट का पता स्वयं टाइप करके खोलें।

APK फाइल डाउनलोड कर ली है तो तुरंत करें ये काम

अगर किसी व्यक्ति ने संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल कर ली है, तो उसे तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। कैथल पुलिस की सलाह के अनुसार:

  • फोन का इंटरनेट कनेक्शन बंद करें।
  • संदिग्ध ऐप को हटाएं और जरूरत पड़ने पर किसी विश्वसनीय साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ की सहायता लें।
  • यदि बैंकिंग जानकारी साझा हुई है या खाते से संदिग्ध लेनदेन हुआ है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करके खाते और डिजिटल भुगतान की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
  • दूसरे सुरक्षित डिवाइस से जरूरी पासवर्ड बदलें और बैंकिंग गतिविधियों की जांच करें।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि कैथल पुलिस साइबर अपराधों पर नजर रख रही है, लेकिन आमजन की जागरूकता और सतर्कता ही ऐसी ठगी से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक की सूचना पुलिस को दें।

यदि साइबर ठगी हो जाती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाना या साइबर पुलिस स्टेशन से भी संपर्क करें।

कैथल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें और संदिग्ध APK फाइलों को किसी भी स्थिति में इंस्टॉल न करें। जागरूक रहकर ही खुद को और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखा जा सकता है।

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