एससी के 289, बीसीए के 66 और ईडब्ल्यूएस के 109 पद खाली; मेवात कैडर के 78 में से 73 पद नहीं भरे गए

कैथल, 16 अगस्त 2026। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला और कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने रविवार को किसान भवन में जनता की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा-नायब सैनी सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) पर पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती में 1672 पदों में से 1049 पद खाली रह जाना सरकार की भर्ती नीति और आरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
35 प्रतिशत कटऑफ पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने कहा कि एचपीएससी ने पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती में 35 प्रतिशत की कटऑफ लगाकर बड़ी संख्या में योग्य युवाओं को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन भर्ती पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2023 में दोबारा भर्ती निकाली गई और इसका विस्तृत परिणाम 2 अगस्त 2026 को जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि करीब आठ साल में सरकार एक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई। 1672 पदों के मुकाबले केवल 623 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन होना और 460 से अधिक अभ्यर्थियों का परिणाम रोका जाना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
एससी के 342 पदों में से 289 खाली
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित 342 पदों में से केवल 53 पद भरे गए और 289 पद खाली छोड़ दिए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार और एचपीएससी की ओर से योग्य एससी उम्मीदवार नहीं मिलने की बात कही जा रही है, जबकि हरियाणा के दलित समाज के युवा शिक्षित और योग्य हैं। सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि क्या सरकार को दलित समाज के बच्चे योग्य नहीं लगते?
बीसीए और ईडब्ल्यूएस के पद भी खाली
सुरजेवाला के अनुसार, पिछड़ा वर्ग-ए (बीसीए) के लिए निर्धारित 171 पदों में से केवल 105 पदों पर चयन हुआ और 66 पद खाली रह गए। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित 171 पदों में से केवल 62 पद भरे गए तथा 109 पद खाली छोड़ दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव के समय पिछड़े और गरीब वर्गों का समर्थन चाहिए, लेकिन सरकारी नौकरियों में इन वर्गों के युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिए जा रहे।
मेवात कैडर के 78 में से 73 पद खाली
कांग्रेस नेता ने पीजीटी कंप्यूटर साइंस भर्ती में मेवात कैडर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेवात कैडर के 78 पदों में से केवल 5 पद भरे गए और 73 पद खाली छोड़ दिए गए।
सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या मेवात के बच्चे हरियाणा के नहीं हैं? उन्होंने सरकार पर क्षेत्रवाद और भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सरकार से पूछे कई सवाल
रणदीप सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार से सवाल किया कि पीजीटी कंप्यूटर साइंस के 1049 पद क्यों खाली छोड़े गए? 8 साल की प्रक्रिया के बावजूद 65 प्रतिशत पद खाली रहने के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने यह भी पूछा कि 460 से अधिक अभ्यर्थियों का परिणाम क्यों रोका गया और शैक्षणिक योग्यता के नाम पर युवाओं को लंबे समय तक क्यों लटकाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एससी, बीसीए और ईडब्ल्यूएस के खाली पदों को बाद में संविदा या ठेके के माध्यम से भरने की योजना तो नहीं है।
कांग्रेस ने रखीं ये मांगें
सुरजेवाला ने मांग की कि पीजीटी कंप्यूटर साइंस की मौजूदा भर्ती को रद्द कर छह महीने के भीतर सभी 1672 पदों पर आरक्षण सहित पारदर्शी भर्ती की जाए।
उन्होंने एससी के 289, बीसीए के 66, ईडब्ल्यूएस के 109 और मेवात कैडर के 73 खाली पदों को बैकलॉग घोषित कर विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि एक भी पद लैप्स नहीं होना चाहिए।
सुरजेवाला ने कहा कि जो एचपीएससी आठ साल में भर्ती पूरी नहीं कर पाया और आरक्षण व्यवस्था को लागू नहीं कर पाया, उसे तुरंत भंग किया जाए। उन्होंने वर्ष 2014 से अब तक एचपीएससी की सभी भर्तियों में खाली हुए आरक्षित पदों का श्वेत पत्र विधानसभा में रखने की भी मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा के दलित, पिछड़े, गरीब और युवा इस कथित भेदभाव को नहीं भूलेंगे। उन्होंने भाजपा-नायब सैनी सरकार से भर्ती प्रक्रिया और खाली पड़े पदों को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

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