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कैथल मंडी में धान नहीं बिकने का मामला: घर नहीं, दूसरे आढ़ती के पास धान लेकर गया था किसान

डीएफएससी वीरेंद्र सिंह ने किया स्पष्ट, धान में 20.1 से 22.4 प्रतिशत तक मिली नमी; सूखने के बाद नियमानुसार होगी खरीद

कैथल, 17 अक्टूबर। कैथल की नई अनाज मंडी में धान की बिक्री नहीं होने के कारण किसान द्वारा अपनी फसल घर वापस ले जाने संबंधी खबर को जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) वीरेंद्र सिंह ने तथ्यों से परे बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव बाता निवासी किसान मोहन सिंह अपनी धान की ढेरी घर ले जाने के बजाय एक आढ़ती की दुकान से दूसरे आढ़ती के पास लेकर गया था। जांच के दौरान धान में नमी की मात्रा निर्धारित स्तर से अधिक पाई गई।

डीएफएससी वीरेंद्र सिंह और मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुमार सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और धान की ढेरी में नमी की जांच की। अधिकारियों ने दो बार सैंपल लेकर जांच की, जिसमें एक तरफ 22.4 प्रतिशत और दूसरी तरफ 20.1 प्रतिशत नमी पाई गई।

दूसरे आढ़ती के पास लेकर गया था किसान धान

किसान मोहन सिंह निवासी गांव बाता ने बताया कि एक आढ़ती की दुकान पर धान की बिक्री नहीं होने के कारण उसने अपनी फसल दूसरे आढ़ती की दुकान पर डाल दी। दूसरे आढ़ती का संबंध भी उसी गांव से है। किसान ने अपनी धान की बिक्री नहीं होने की बात कही थी, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

डीएफएससी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान द्वारा धान घर ले जाने की बात सही नहीं है। किसान अपनी धान एक आढ़ती से दूसरे आढ़ती के पास लेकर गया था। जांच में धान में नमी की मात्रा अधिक पाई गई है। उन्होंने कहा कि धान सूखने के बाद नियमानुसार उसकी खरीद की जाएगी।

मंडी में अंकुरित धान मिलने की बात से किया इनकार

डीएफएससी ने मंडी का दौरा करने के बाद कहा कि वहां धान के अंकुरित होने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान की खरीद में नमी की मात्रा महत्वपूर्ण है और निर्धारित मानकों के अनुसार ही खरीद की जाती है।

बारिश में भीगे धान को सुखा रहे किसान

मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुमार ने भी कहा कि किसान मंडी से धान घर नहीं ले जा रहे हैं, बल्कि बारिश में भीगी हुई फसल को सुखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस धान की ढेरी में नमी निर्धारित स्तर के अनुसार पाई जा रही है, उसकी खरीद की जा रही है।

सचिव के अनुसार, संबंधित किसान की ढेरी के पास ही एक अन्य ढेरी में नमी की मात्रा 16 प्रतिशत पाई गई थी, जिसके बाद उस धान की खरीद कर ली गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नई अनाज मंडी में धान की खरीद नमी की मात्रा और निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है। अधिक नमी वाले धान को सूखने के बाद नियमानुसार खरीद के लिए लिया जाएगा।

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