कैथल, 17 अक्टूबर 2026। साइबर जागरूकता माह के तहत कैथल पुलिस ने जाट खेल ग्राउंड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर खिलाड़ियों और आमजन को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार थाना साइबर क्राइम कैथल के प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल के नेतृत्व में एएसआई प्रदीप कुमार और एचसी सतीश की टीम ने लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
फर्जी लिंक और ओटीपी फ्रॉड से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बताया कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। साइबर ठग फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट, बैंक अधिकारी बनकर फोन करने, ओटीपी मांगने, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने और ऑनलाइन लेनदेन के बहाने लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
पुलिस टीम ने खिलाड़ियों और आमजन को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, पासवर्ड और ओटीपी साझा न करें। व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप और रिमोट एक्सेस देने से बचें
पुलिस ने बताया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहिए और न ही किसी को अपने मोबाइल का रिमोट एक्सेस देना चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल भुगतान और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि साइबर ठगों के जाल में फंसने से बचा जा सके।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
पुलिस टीम ने जागरूक किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
कैथल पुलिस का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना है। पुलिस ने संदेश दिया कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता, सतर्कता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार ही ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।

