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कैथल में 64 प्रतिशत धान का उठान पूरा, हरियाणा में तीसरे स्थान पर जिला

कैथल, 16 अक्टूबर 2026। हरियाणा में धान खरीद सीजन के दौरान कैथल जिले में उठान कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। जिले में अब तक कुल खरीदे गए धान का लगभग 64 प्रतिशत उठान हो चुका है। इस उपलब्धि के साथ कैथल जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। डीसी अपराजिता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनाज मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और खरीद के साथ-साथ धान का उठान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए।

कैथल में 3.18 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक 3 लाख 18 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन धान का उठान पूरा हो चुका है। धान उठान के मामले में कैथल जिला कुरुक्षेत्र और पंचकूला के बाद प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।

डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी जाए। किसानों को अपनी फसल बेचने, खरीद और उठान के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने पर भी जोर दिया।

बारिश के बाद धान उठान में आई तेजी

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफसी) वरिंदर सिंह ने विभिन्न अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद और उठान की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश के कारण धान उठान की गति कुछ धीमी हुई थी, लेकिन अब इस कार्य में तेजी लाई गई है।

उन्होंने कहा कि जिले की सभी मंडियों में खरीदे गए धान का उठान तेजी से किया जा रहा है। संबंधित खरीद एजेंसियां इस कार्य में जुटी हुई हैं। मंडियों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। निरीक्षण के दौरान किसी भी अनाज मंडी में पानी जमा नहीं मिला।

किसानों की सुविधा पर प्रशासन का विशेष ध्यान

डीएफसी वरिंदर सिंह ने बताया कि डीसी अपराजिता धान खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रही हैं और अधिकारियों से नियमित रूप से रिपोर्ट ले रही हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मंडियों में खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में धान खरीद और उठान की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। सभी अनाज मंडियों में नोडल अधिकारी, खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि और मार्केट कमेटी के अधिकारी तैनात हैं। किसानों की फसल की खरीद निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और निर्धारित नमी मानकों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सुविधा, समय पर धान उठान और मंडियों में सुचारू खरीद व्यवस्था प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद सीजन के दौरान व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कैथल धान खरीद अपडेट: जिले में अब तक 3.18 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद और 2.04 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। उठान के मामले में कैथल प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।