कैथल, 16 अक्टूबर। ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी साइट्स के जरिए साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर कैथल पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने चेतावनी दी कि आसान पैसे कमाने और ज्यादा रिटर्न पाने का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल हासिल कर रहे हैं। इसके बाद लोगों के खातों से लाखों रुपये तक की ठगी की जा रही है।
सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए बिछाया जा रहा ठगी का जाल
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, यूट्यूब विज्ञापनों, व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी वेबसाइट्स के माध्यम से ऑनलाइन बेटिंग व सट्टेबाजी के आकर्षक ऑफर देते हैं। शुरुआत में लोगों का भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे रिटर्न दिखाए जाते हैं। इसके बाद उन्हें ज्यादा पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है और रकम जमा होने पर ऐप या वेबसाइट बंद कर दी जाती है।
कई मामलों में ठग खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों से ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं। कुछ मामलों में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल और बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की जाती है।
बेटिंग ऐप पर पैसे लगाने से पहले रहें सावधान
एसपी ने बताया कि ऐसे अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर जमा की गई रकम की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती। विदेशी डोमेन और फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने वाले साइबर अपराधियों तक पहुंचना भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि ऑनलाइन बेटिंग, कैसीनो या सट्टेबाजी के नाम पर किसी अनजान वेबसाइट अथवा ऐप पर पैसे जमा करने से बचें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें और अनजान व्यक्तियों के बताए खातों या नंबरों पर पैसे ट्रांसफर न करें।
ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें
कैथल पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- ज्यादा मुनाफे और गारंटीड रिटर्न के लालच में न आएं।
- अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके स्रोत, रिव्यू और मांगी गई अनुमतियों की जांच करें।
- बैंक खाते की जानकारी, आधार, पैन, ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
- किसी भी वेबसाइट या ऐप की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना उसमें पैसे निवेश न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन बेटिंग या सट्टेबाजी साइट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।
कैथल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी अनजान ऑफर के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें।
फोटो कैप्शन: ऑनलाइन बेटिंग साइट्स के नाम पर हो रही साइबर ठगी के प्रति लोगों को सचेत करते कैथल के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन।

