कैथल, 14 अक्टूबर 2026। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को कैथल अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने धान की खरीद में देरी, फसल का समय पर उठान नहीं होने, नमी के नाम पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिलने और पोर्टल सिस्टम से हो रही परेशानियों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन के दौरान मार्केट कमेटी कैथल के कार्यालय पर ताला भी जड़ा गया।
धान खरीद में देरी से किसान परेशान: किसान संगठन
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान की फसल मंडियों में पहुंचने से अनाज मंडियां पूरी तरह भर चुकी हैं। स्थिति यह है कि किसानों की फसल सड़कों और खेतों में पड़ी हुई है, लेकिन सरकार की ओर से समय पर खरीद शुरू नहीं किए जाने के कारण किसानों को भारी दिक्कतें आ रही हैं।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में खरीदी गई धान की फसल का प्रतिदिन उठान नहीं हो रहा है। इसके अलावा, किसानों को पोर्टल सिस्टम में उलझाकर रखा जा रहा है। नमी का हवाला देकर किसानों की धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत पर खरीदे जाने का भी आरोप लगाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि कई किसानों की पूरी फसल भी नहीं खरीदी जा रही है।
किसानों ने रखीं धान खरीद से जुड़ी प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- धान की फसल की खरीद निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाए।
- हरियाणा में किसानों को परेशान करने वाले पोर्टल सिस्टम को पूरी तरह बंद किया जाए।
- धान खरीद में की जा रही कटौती पर रोक लगाई जाए।
- मंडियों में खरीदी गई धान की फसल का प्रतिदिन उठान सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों की पूरी फसल की खरीद की जाए।
- बेमौसमी बारिश से मंडियों में पड़ी धान की फसल और खेतों में बिछ चुकी फसल के नुकसान का आकलन किया जाए।
- बारिश से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चला धरना
कैथल अनाज मंडी में किसानों का धरना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। प्रदर्शन में किसान सभा, किसान यूनियन और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
धरने में किसान सभा के जिला प्रधान जसबीर सिंह, धर्मपाल भुना, सुरेंद्र सिंह, सतपाल सिंह किठाना, किसान यूनियन से सतपाल सिंह दिनोवाली, महेंद्र सिंह रामगढ़, शो चंद, जसपाल, राममेहर, ध्यान चंद, मेवा राम, राजा राम, देवी दयाल सोंगल, रमेश, रतन सिंह और टहल सिंह सहित अन्य किसान शामिल हुए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
किसान संगठनों के जिला संयोजक महेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि धान खरीद व्यवस्था में सुधार, फसल का पूरा मूल्य और बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा मिलने तक किसानों की आवाज उठाई जाती रहेगी।
मुख्य मुद्दे: कैथल अनाज मंडी में किसान धरना, धान खरीद में देरी, हरियाणा किसान आंदोलन, MSP पर धान खरीद, मार्केट कमेटी कैथल, संयुक्त किसान मोर्चा, 23 अक्टूबर किसान प्रदर्शन।

